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    Home » कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की एक छात्रा की हुई मौत, अभिभावक हो जाएं सावधान
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    कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की एक छात्रा की हुई मौत, अभिभावक हो जाएं सावधान

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 6, 2023No Comments5 Mins Read
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    गढ़वा : अगर अभिभावक अपनी बेटियों को इस कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पढ़वा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। चुकी वार्डेन की लापरवाही का खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।

    जी हां, यह मामला है जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की। चुकी छात्राओं की तबियत खराब होने के बावजूद भी वार्डन द्वारा ठीक समय पर छात्राओं को छुट्टी नहीं दी जाती है।

     

     

    क्योंकि उक्त विद्यालय में अध्यनरत 9वीं कक्षा की छात्रा किरण कुमारी की तबियत खराब होने और ठीक समय पर परिजनों को जानकारी नहीं देने के कारण उसकी मौत गुरुवार को हो गई। इस संबंध में मृतिका किरण कुमारी की मां संगीता देवी पति रविंद्र कुमार रवि ग्राम मोखापी ने बताई की कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ रही छात्रा के द्वारा गार्ड से फोन लगवा कर गार्ड के माध्यम से बताया गया कि किरण का तबीयत काफी खराब है। उसके बाद मैं कस्तूरबा गांधी विद्यालय कांडी पहुंची तो मेम व गार्ड ने कहा कि इसे तुरंत ले जाइए। मैं मोटरसाइकिल के माध्यम से अपने गांव लाई। एक डॉक्टर से दिखवाया तो उन्होंने एक टैबलेट दिया और कहा कि इसे अस्पताल लेकर जाइए। इधर परिजन टेम्पो के माध्यम से मझिआंव रेफरल अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उपस्थित डॉक्टर कविता कुमारी के द्वारा रविंद्र कुमार रवि की 15 वर्षीय पुत्री किरण कुमारी को मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर कविता कुमारी ने बताया की किरण की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद घटना के संबंध में मझिआंव थाना को सूचना दी गई। सूचना पाते ही मौके पर थाना प्रभारी विवेक कुमार पंडित व एएसआई आलोक कुमार रेफरल अस्पताल पहुंचे व मृतिका किरण कुमारी के संबंध में डॉक्टर व परिजनों से पूछताछ की। जांच प्रक्रिया करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल गढ़वा भेजा गया।

    इधर मौके पर उपस्थित मृतका के चचेरे भाई सुनील कुमार रवि पिता अरुण कुमार रवि ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कांडी के द्वारा किरण की तबीयत खराब होने के सम्बन्ध में गुरुवार की सुबह जानकारी दी गई। उसके बाद किरण को घर होते हुए अस्पताल लाया गया। इधर अरुण कुमार रवि ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की मैडम की लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हो गई। साथ ही किरण की मां संगीता देवी ने बताया की लड़की की कभी कोई तबीयत खराब नहीं हुई थी। वहीं रोते बिलखते कही की यह हम जानते तो कस्तूरबा विद्यालय में कभी नहीं भेजते। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पहले से ही पढ़ रही थी। फिलहाल घर से एक माह पहले ही भेजे थे। मैडम या अन्य लोगों के द्वारा पहले कभी कुछ नहीं बताया गया। रविन्द्र कुमार रवि दूसरे प्रदेश चेन्नई में रहकर मजदूरी का काम करते हैं। रविंद्र कुमार की तीन पुत्री व एक पुत्र हैं, जिसमें तीसरे स्थान पर किरण कुमारी थी।

     

     

    अभी भी तीन छात्राएं वर्ग नौ की पूजा, दुर्गा व वर्ग 10 की सरिता कांडी अस्पताल में भर्ती है। जिन्हें लूज मोशन व उल्टी की शिकायत है। इनकी तबियत सुबह में खराब हुई थी, लेकिन इन्हें दो बजे दोपहर में अस्पताल लाया गया, जिनकी हालत अभी भी ठीक नही है। इससे पूर्व भी वर्ग 11 की पुष्पा व खुशबू कुमारी की तबियत खराब होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। आज ही लगभग दो दर्जन से अधिक छात्राओं को एक साथ इलाज के लिए कांडी अस्पताल भेजा गया था, जिन्हें कुछ गोलियां व ओआरएस का पॉउडर मिला।

    वहीं इस संबंध में उक्त विद्यालय में जानकारी हासिल करने के लिए मीडिया की टीम पहुंची। जहां मुख्य द्वार पर ही मीडिया की टीम को लगभग आधा घण्टा से अधिक रोक कर रखा गया। कहा गया कि जब तक वार्डन इजाजत नहीं देती हैं, आपलोग नहीं मिल सकते हैं। आप सभी पत्रकार इंतजार करें।

    जब प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विद्या सागर मेहता उक्त विद्यालय में जांच करने हेतु पहुंचे। इसके बाद मीडिया की टीम भी पहुंची। जहां प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विद्यासागर मेहता ने कहा कि छात्रा की मौत कैसे हुई, इस संबंध में जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।

    जबकि इस संबंध में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन चंद्रावती सिंह ने मीडिया के कैमरे के सामने बोलने से मना किया। उन्होंने मौखिक रूप से बताया कि छात्राओं को जैसे ही तबीयत खराब होती है, उन्हें अस्पताल में दिखाया जाता है। किरण की कब तबीयत खराब हुई, इसके बारे में हमें जानकारी नहीं मिली।

     

     

    वहीं उक्त कस्तूरबा विद्यालय की लगभग दो दर्जन छात्राओं ने मीडिया को बताया कि इस विद्यालय में कुछ भी ठीक नहीं है। भोजन भी मेनू के अनुसार नही मिलता है। यहां पानी भी सही नही है। पानी पीने पर उसका स्वाद नमकीन, खराब व दूषित लगता है। तबियत खराब होने पर तुरंत इलाज भी नही होता। यहां वार्डेन का दबाव बहुत अधिक होता है। छात्राओं के साथ उनका व्यवहार अच्छा नहीं है। आज मीडिया को देखने के बाद वार्डेन द्वारा दबाव देकर हमलोगों को अस्पताल भेजा गया है, जबकि हमोलोगों की तबियत भी खराब नहीं है। जिसकी तबियत खराब है या थी, उसे सही समय पर अस्पताल नहीं भेजा गया।

    वहीं कांडी अस्पताल के ऑन ड्यूटी डॉक्टर एस पी सिन्हा ने बताता की कल शाम में कस्तूरबा की छात्रा पुष्पा कुमारी इलाज के लिए आई थी, जिसे बेहोसी की हालत में भर्ती किया गया था।समय पर आती तो ऐसी हालत नही होती। उन्होंने बताया कि हाइजेनिक व पानी की खराबी से लड़कियों की तबियत खराब हो रही है।

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