Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आईजीएनसीए द्वारा 22 सितंबर से होगा तीन दिवसीय नदी उत्सव का आयोजन
    Breaking News धर्म

    आईजीएनसीए द्वारा 22 सितंबर से होगा तीन दिवसीय नदी उत्सव का आयोजन

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 22, 2023No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    आईजीएनसीए द्वारा 22 सितंबर से होगा तीन दिवसीय नदी उत्सव का आयोजन
    नई दिल्ली:  भारतीय संस्कृति में नदियों का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। हमारे यहां नदियां न केवल पावन और पूज्य मानी जाती हैं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के भौतिक जीवन का भी आधार हैं। नदियों के किनारे सभ्यताएं विकसित हुई हैं। भारत के अनगिनत नगर, गांव, कस्बे नदियों के किनारे बसे हैं, उनकी पहचान नदियों से है। भारतीय समाज-जीवन में नदियों के महत्त्व को देखते हुए कला और संस्कृति को समर्पित संस्थान इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) पिछले कुछ वर्ष से ‘नदी उत्सव’ का भव्यतापूर्ण आयोजन कर रहा है। इस उत्कृष्ट पहल की कल्पना आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने लोगों के बीच पारिस्थितिकी और पर्यावरण के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने तथा उन्हें संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से की थी। आईजीएनसीए द्वारा इसकी शुरुआत 2018 में नासिक (महाराष्ट्र) से की गई थी, जो गोदावरी नदी के किनारे बसा है। दूसरे ‘नदी उत्सव’ का आयोजन कृष्णा नदी के किनारे बसे विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में और ‘नदी उत्सव’ का तीसरा आयोजन गंगा के किनारे बसे मुंगेर (बिहार) में हुआ था। इसी कड़ी में चौथे ‘नदी उत्सव’ का आयोजन यमुना नदी के किनारे बसे दिल्ली में आईजीएनसीए के प्रांगण में 22 सितंबर से 24 सितंबर तक किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन आईजीएनसीए के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण अभियान (एनएमसीएम) और जनपद सम्पदा विभाग द्वारा किया जा रहा है।

     

    तीन दिनों के इस कार्यक्रम में कई आयोजन होंगे, जिनमें पर्यावरणविदों व विभिन्न विषयों के विद्वानों के साथ विद्वतापूर्ण चर्चाएं, फिल्मों की स्क्रीनिंग, प्रख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियां, कठपुतली शो, विभिन्न पुस्तकों पर चर्चा सहित विविध प्रकार के कार्यक्रम शामिल हैं। इस आयोजन के मुख्य अतिथि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष माननीय जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, सम्माननीय अतिथि प्रसिद्ध दार्शनिक व विद्वान आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी तथा परमार्थ निकेतन के प्रमुख व आध्यात्मिक गुरु स्वामी चिदानंद सरस्वती तथा विशिष्ट अतिथि प्रख्यात पर्यावरणविद् ‘पद्मभूषण’ डॉ. अनिल प्रकाश जोशी होंगे। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक आईजीएनसीए के अध्यक्ष ‘पद्मश्री’ रामबहादुर राय और संरक्षक आईजीएनसीए के संरक्षक डॉ. सच्चिदानंद जोशी हैं।
    मीडिया सेंटर के नियंत्रक श्री अनुराग पुनेठा ने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन का प्रारम्भ 22 सितंबर, शुक्रवार को 10.30 बजे पूर्वाह्न को आईजीएनसीए के कॉन्फ्रेंस हॉल उमंग में होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन 22 सितंबर, शुक्रवार को शाम 4.30 बजे होगा। ‘नदी उत्सव’ आयोजन में प्राचीन ग्रंथों में नदियों का उल्लेख, नदियों के किनारे सांस्कृतिक विरासत, लोक और सांस्कृतिक परम्परा में नदियां सहित कई विषयों पर चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन तीन दिनों में 18 फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी, जिनमें से 6 फिल्मों का निर्माण आईजीएनसीए द्वारा किया गया है। कठपुतली शो के अंतर्गत, पूरण भट द्वारा ‘द यमुना गाथा’ का प्रदर्शन किया जाएगा।

     

     

    कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए एनएमसीएम के सहायक निदेशक श्री अभय मिश्रा ने कहा कि ‘नदी उत्सव’ अपनी पारम्परिक जल चेतना के दस्तावेजीकरण का एक विनम्र प्रयास है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी नदियों को धन्यवाद कहना भूल गए हैं। यह आयोजन नदियों से जुड़ाव को याद करने का एक उपक्रम है। तीन दिनों के इस आयोजन के दौरान एक पुस्तक मेला का आयोजन भी होगा, जिनमें विभिन्न प्रकाशन संस्थान नदियों और पर्यावरण से जुड़ी अपनी किताबों के साथ उपस्थित होंगे। आयोजन में जो 18 डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई जाएंगी, उनमें से पांच फिल्मों को पुरस्कृत करने की भी योजना है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल के लिए भारत के लगभग सभी राज्यों से फिल्मकारों ने अपनी फिल्में भेजी थीं, जिनमें से 12 का चयन स्क्रीनिंग के लिए किया गया। इन फिल्मों का चयन पांच सदस्यीय जूरी ने किया। इनमें पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण भारत, कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान आदि प्रदेशों की फिल्में शामिल हैं। हर फिल्म के बाद चर्चा सत्र का भी आयोजन होगा, जिसमें फिल्म के निर्देशक भी हिस्सा लेंगे। स्क्रीनिंग का शुभारम्भ फिल्म ‘महानदी’ से होगा। 60 मिनट की इस फिल्म का निर्देशन जुबनाश्व मिश्रा ने किया है।

     

     

    अभय मिश्रा ने बताया कि आयोजन में तीन प्रकार की प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। ‘सांझी’ प्रदर्शनी देश के 16 घाटों पर आधारित होगी। इसके अलावा, नदी सभ्यता से जुड़ी फोटोग्राफी प्रदर्शनी और दिल्ली के स्कूली बच्चों द्वारा नदियों पर बनाई पेंटिंग की प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। नदियों को लेकर स्कूली बच्चे क्या सोचते हैं, इसका प्रतिबिम्ब इन पेटिंगों में दिखाई देगा।
    सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिहार की प्रसिद्ध लोकगायिका चंदन तिवारी द्वारा गायन और भोपाल की श्वेता देवेंद्र व उनकी टीम द्वारा ‘नर्मदा स्तुति’ तथा ‘दशावतारम्’ के साथ-साथ अन्य कई प्रस्तुतियां शामिल हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट मामला में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद किया आंदोलन समाप्त , वापस आये काम पर
    Next Article महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद, भाजपा मुख्यालय में पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत

    Related Posts

    स्टेशन क्षेत्र में सुरक्षा की मांग को लेकर रैपिडो राइडर्स की बाइक रैली, डीसी से लगाई गुहार

    June 3, 2026

    मंदिरों के फूलों से बदली महिलाओं की तकदीर, आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बना पूर्वी सिंहभूम

    June 3, 2026

    आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल सड़कों और बिजली व्यवस्था पर इसरो की चिंता, मानसून से पहले सुधार की मांग

    June 3, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    स्टेशन क्षेत्र में सुरक्षा की मांग को लेकर रैपिडो राइडर्स की बाइक रैली, डीसी से लगाई गुहार

    भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत, श्री शनिदेव भक्त मंडली ने बांटा 1400 लीटर शरबत

    मंदिरों के फूलों से बदली महिलाओं की तकदीर, आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बना पूर्वी सिंहभूम

    आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल सड़कों और बिजली व्यवस्था पर इसरो की चिंता, मानसून से पहले सुधार की मांग

    सफाई कर्मियों के अधिकारों को लेकर यूथ इंटक का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांगपत्र

    मानगो में सड़क किनारे खड़ी बस में लगी भीषण आग, जलकर हुई खाक

    कार को बचाने के प्रयास में फ्लाई ऐश लदा हाईवा हादसे का शिकार, टावर पोल से टकराकर डिवाइडर पर चढ़ा

    शिक्षा व्यवस्था पर जेएमएम का हमला, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

    बीएमडब्ल्यू प्लांट से रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता, प्रिंस खान गैंग का सहयोगी गिरफ्तार

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, 15 जून तक मैपिंग कार्य पूरा करने के निर्देश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.