Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बालिगुमा करम आँखड़ा कमिटी बालिगुमा के तरफ से वार्षिक सरहुल पर्व का आयोजन
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड धर्म

    बालिगुमा करम आँखड़ा कमिटी बालिगुमा के तरफ से वार्षिक सरहुल पर्व का आयोजन

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 5, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

     

    जमशेदपुर, हर वर्ष कि तरह इस वर्ष भी बालिगुमा करम आँखड़ा कमिटी, बालिगुमा के तरफ से वार्षिक सरहुल परब का आयोजन बालिगुमा सुखना बस्ती में किया गया.

    9 दिनों तक 18 युवतियों ने उपवास कर जावा पाताया (बिजों को अंकुरित करने का प्रक्रिया) गया था. सबसे पहले करम डाली को करम आँखड़ा में गाड़ा गया. शाम को पारम्परिक रूप से पूजा अर्चना किया गया.

    इसके बाद शाम को पारम्परिक करम गीतों पर नृत्य किया. नृत्य में बालिगुमा समेत 10 नृत्य टीमों ने भाग लिया.

     

     

     

    जिन 18 लड़कियों ने जावा पाताया था उनका नाम निम्न प्रकार है : 
    वर्षा, मोनिका, रुम्पा, जया, रिया, प्रिया, स्वीटी, परी, तानी, पीहू, सेफ़ाली, इरा, वृष्टि, खुशी, माला, उमा, प्रीति, अनिशा मुख्य रूप से थे.

    आयोजन कमिटी ने बताया कि वास्तविक
    संस्कृति के अनुसार झारखंडी कैलैंडर के अनुसार करम परब आज ही था. वर्षों से भाद्र महीने में ही करम मनाया जाता है लेकिन बांग्ला और हिंदी केलैंडर के अनुसार इसबार करम आश्विन महीने में होगा जो झारखंडी संस्कृति के इतर है इसलिए हमलोगों ने अपने संस्कृति के अनुसार आज करम मनाया.

     

     

     

    करम मुख्य रूप से बिजों को संरक्षण का जाँच का पर्व है. यदि 9 दिन से पर्व प्रारम्भ किया जाता है तो 9 तरह के बिजों को अंकुरित किया जाता है. 5 दिनों से प्रारम्भ करने से 5 तरह के बीज और 3 दिनों से प्रारम्भ करने से 3 तरह का बिजों को अंकुरित किया जाता है.

    आयोजन कमिटी में जीत, वरुण, राकेश, रौनक, संध्या रानी महतो, दिलीप कुमार महतो, काकोली महतो, मदन महतो, सिवानी महतो, नेपाल महतो, पूर्णिमा महतो, दीपक रंजीत आदि लोग मुख्य रूप से थे.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Article6 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर वोटिंग जारी, 8 सितंबर को आएंगे नतीजे
    Next Article अमृत कलश यात्रा हर परिवार में देशभक्ति की भावना जागृत करेगी : शिंदे

    Related Posts

    इस दीपावली बनें सच्चा मनी मैग्नेट

    November 8, 2026

    दीपावली : एक पर्व, अनेक परंपराएं, लेकिन संदेश एक अंधकार पर प्रकाश की विजय

    November 8, 2026

    इस दिवाली आसमान नहीं, अपना नजरिया रोशन कीजिए

    November 8, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    Le Bandit: waarom korte klappers met hoge inzet jouw sessie bepalen

    Spinrise Casino im Browser auf dem Smartphone spielen

    इस दीपावली बनें सच्चा मनी मैग्नेट

    दीपावली : एक पर्व, अनेक परंपराएं, लेकिन संदेश एक अंधकार पर प्रकाश की विजय

    इस दिवाली आसमान नहीं, अपना नजरिया रोशन कीजिए

    दीपावली के पाँच पर्व और उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराएँ

    गाजियाबाद पुलिस चौकी ब्लास्ट में नया मोड़, आतंकी संगठन ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी

    LocoWin Casino betaalmethoden: storten en opnemen met kaart, e-wallet en crypto

    प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, बोले- जवानों के साथ मनाऊंगा त्योहार

    आदिवासी कार्यकर्ता निशा भगत पंचतत्व में विलीन, न्याय की मांग को लेकर झारखंड में उबाल; सीबीआई जांच की मांग तेज

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.