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    Home » कावर झील के उपेक्षा के लिए बिहार सरकार एवं स्थानीय प्रशासन दोषी : राकेश सिन्हा
    बिहार बेगूसराय राजनीति

    कावर झील के उपेक्षा के लिए बिहार सरकार एवं स्थानीय प्रशासन दोषी : राकेश सिन्हा

    Begusarai SamvadBy Begusarai SamvadJune 6, 2023No Comments3 Mins Read
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    मंझौल, बेगूसराय : सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अनुमंडल मुख्यालय स्थित कावर झील के बीचो बीच राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्चुअल संदेश सुना। वर्चुअल संवाद को पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने पर्यावरण के महत्व के बारे बात की। उन्होंने कहा कि देश अपने विकास के लिए किसी अन्य क्षेत्र की तरह बड़े पैमाने पर पर्यावरण की ओर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

    संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भूजल संरक्षण के बारे में बताया कि रामसर योजना भविष्य में ईको टूरिज्म के बड़े केंद्र बनेगे। उन्होंने कहा कि देश वर्तमान जरूरतों और भविष्य की दृष्टि के बीच संतुलन बनाए रखते हुए पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के रोडमैप के साथ आगे बढ़ रहा है।

    मौके पर सांसद राकेश सिन्हा ने रामसर साइट में शामिल बिहार के एकमात्र झील कावर झील के महत्ता को बताते हुए कहा कि कावर झील की हालत दिन व दिन बदतर होते जा रही है जिसके लिए स्थानीय प्रशासन एवं बिहार सरकार दोषी है। इसका अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है इसके महत्ता को देखते हुए इसके अस्तित्व को बचाने के लिए हमने सदन में आवाज उठाया जिसके कारण इस झील को रामसर साइट में शामिल किया गया। यदि इस झील को नहीं बचाया गया तो यह रामसर साइट से बाहर हो जाएगा। श्री सिन्हा ने बताया कि झील के बाहर की जमीन भी कावर झील के लिए अनुबंधित है यदि उसे डी नोटिफाइड कर दिया जाए तो किसानों का स्वामित्व प्राप्त हो जाएगा। काबर झील के मुद्दे पर राज्यसभा में आवाज उठाया गया, केंद्रीय मंत्री से बात हुई स्थानीय प्रशासन से बात हुई
    बिहार सरकार को भी उक्त बाबत लिखा गया। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार तो कदम आगे बढ़ा रही है लेकिन बिहार सरकार आंख बंद कर बैठी हुई है। यदि इस झील का कायाकल्प हो जाता है तो यह लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा, हजारों लोगों के लिए रोजगार का केंद्र भी बनेगा इस झील को बचाने के लिए केंद्र राज्य और स्थानीय प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि इस झील की स्थानीय प्रशासन के द्वारा पूरी तरह से उपेक्षा की गई है जिसके लिए संवाद और संघर्ष दोनों की जरूरत है बिना संघर्ष का इसका समाधान निकलने वाला नहीं है।इससे पूर्व श्री सिन्हा ने माता जयमंगला के मंदिर में पूजा अर्चना की एवं माता का आशीर्वाद लिया तत्पश्चात उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण भी किया।मौके पर भाजपा नेता संजय सिंह, नीरज नवीन, नवीन सिंह, बलराम सिंह सांसद प्रतिनिधि सह पंसस मनोज भारती, शरद कुमार, शालिग्राम सिंह अरुण सिंह, अभाविप के विश्वविद्यालय प्रमुख कन्हैया कुमार, रामजतन साह, आलोक कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।

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