सीएम पद पर रस्साकशी के बीच डीके शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत उनके खिलाफ सीबीआई की ओर से दायर की गई याचिका पर कोर्ट ने जुलाई तक के लिए टाल दिया
नई दिल्ली: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद का ‘नाटक’ बढ़ता ही जा रहा है। इस नाटक के कई पात्र हैं कुछ पात्र बेंगलुरु में हैं तो कई पात्र दिल्ली में डेरा जमाये हुए हैं। इस नाटक को चलते हुए 5 दिन बीत चुके हैं लेकिन इसका अंत होता हुआ नहीं दिख रहा है। पिछले पांच दिनों से सीएम पद के लिए केवल अफवाहें आसमान हैं लेकिन अफवाहों पर अभी तक पूर्ण विराम नहीं लगा है। मीडिया में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के नाम की चर्चा चल रही है लेकिन राज्य के प्रभारी कह रहे हैं कि अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए।
मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, कर्नाटक मुख्यमंत्री को लेकर जो भी निर्णय लिया जाएगा उसकी घोषणा कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे। घोषणा जब तक नहीं होती है तब तक मुख्यमंत्री के नाम पर चल रही खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें। घोषणा खड़गे साहब द्वारा की जाएगी।” उन्होंने कहा कि अगले 48-72 घंटों में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो जाएगी। मुख्यमंत्री के नाम पर पार्टी में लगातार आलाकमान की निगरानी में चर्चा जारी है।
जी. परमेश्वर ने भी पेश की है दावेदारी
इस बीच कर्नाटक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जी. परमेश्वर ने अपनी दावेदारी पेश करते हुए कहा कि अगर पार्टी आलाकमान उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी देता है तो वह इसे संभालने के लिए तैयार हैं। बता दें कि कांग्रेस विधायक दल की रविवार शाम बेंगलुरु के एक निजी होटल में हुई बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी अध्यक्ष खरगे को विधायक दल का नेता चुनने का अधिकार दिया गया, जो कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनेगा।
दूसरी तरफ मिली खबर के अनुसार कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार सीएम बनने पर आ गए हैं उन्हें मनाने के लिए सोनिया राहुल गांधी के बाद अब प्रियंका गांधी मनाने के लिए उनसे मिलेगी
कांग्रेस को डर है कि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनते ही कर्नाटक के डीजे पी जो अब सीबीआई चीफ है उनकी फाइलें खोल सकती है शिवकुमार के ऊपर मनी लांड्रिंग टैक्स चोरी समेत 19 मामले दर्ज है वही व्यक्तिगत विधायकों का जो फीडबैक लिया गया उसमें से 90 विधायकों ने सिद्धि रमैया को अपना समर्थन दिया है

