रांची में हुआ टाटा का कैंसर अस्पताल का शुभारंभ, आयुष्मान भारत का भी मिलेगा लाभ
– अस्पताल का मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ने किया उद्घाटन
मुकेश रंजन संवाददाता
रांची : टाटा ट्रस्ट रांची कैंसर हॉस्पिटल इलाज के लिए नहीं बल्कि यह सेंटर शोध के लिए भी जाना जाएगा। यह अस्पताल राज्य सरकार के सहयोग से बना है जहां कैंसर के अत्याधुनिक इलाज की सुविधा मिल पाएगी। यह रिसर्च सेंटर देश के लिए मिसाल बनेगा। यह बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को रांची कैंसर अस्पताल कांके के उद्घाटन के मौके पर कही।
इस बीच मौजूद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि अस्पताल राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यहां सिर्फ इलाज ही नहीं बल्कि कैंसर को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। इस बीच टाटा ट्रस्ट कोलकाता और स्टेट आरोग्य सोसाइटी झारखंड के बीच एमओयू किया गया। इसके बाद आयुष्मान भारत के तहत लाभुकों को यह लाभ कोलकाता स्थित टाटा कैंसर हॉस्पिटल मिल सकेगा। यहां से मरीजों को कोलकाता भेजकर इलाज कराया जा सकेगा।
टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी नोएल टाटा ने कहां थी अस्पताल कैंसर रोगियों के लिए काफी मददगार साबित होगा। अभी तक मरीजों को दूसरे राज्यों पर निर्भर होना पड़ता था लेकिन इस नई व्यवस्था के बाद कैंसर रोगियों को अत्याधुनिक इलाज की सुविधाएं यही उनके शहर में मिल सकेगी।
इस अस्पताल में मरीजों का इलाज भी सस्ता रखा गया है, मरीज सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) की दर से इलाज कर सकेंगे। अभी 82 बेड की सुविधा शुरू की जायेगी। इस अस्पताल में 50 प्रतिशत बेड राज्य के लोगों के लिए आरक्षित होंगे। इसमें 14 आपरेशन थिएटर, 28 आइसीयू बेड व ब्लड बैंक है। 400 करोड़ की लागत से 23.5 एकड़ भूमि में अस्पताल बना है। यह जमीन राज्य सरकार ने दी है जो रिनपास की है। इन सुविधाओं के अतिरिक्त डाक्टर व कर्मियों के रहने के लिए आवासीय परिसर व धर्मशाला भी है। मालूम हो कि रिम्स में भी टाटा ट्रस्ट की ओर से कैंसर स्क्रिनिंग हर दिन किया जाता है।
अब नहीं जाना पड़ेगा बाहर :-
अस्पताल की शुरुआत होने के साथ ही अब कैंसर के इलाज के लिए लोगों को मुंबई, दिल्ली आदि जैसे बड़े महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बल्कि बाहर से भी कैंसर मरीज यहां अब इलाज करवाने पहुंचेंगे। करीब तीन वर्ष (इसका शिलान्यास 10 नवंबर 2018 को हुआ था) में यह हास्पिटल संचालित होने के लिए तैयार हो चुका है। फिलहाल कैंसर के मरीजों के लिए यहां सिर्फ ओपीडी चलाया जा रहा है, अभी मरीजों को कैंसर इलाज की ओपीडी सुविधा लेने के लिए 135 रुपये लग रहा है। उद्घाटन होने के बाद मरीजों को कई आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
100 में एक्स-रे की सुविधा :-
टाटा कंपनी ने राज्य सरकार से समझौता किया है कि यहां मरीजों को भारत सरकार द्वारा तय सीजीएचएस दर पर इलाज की सुविधा मिलेगी। अभी मरीजों को रेडियोथेरेपी, एमआरआइ, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन जांच की सुविधा दी जाएगी। 100 रुपये में एक्स-रे किया जा रहा है, अल्ट्रासाउंड मात्र 500 रुपये में किया जा रहा है। जब अस्पताल पूर्ण रूप से चालू हो जायेगा तो जन आरोग्य सुविधा, हेल्थ इंश्योरेंस, इएसआइ, सीएम गंभीर बीमारी इलाज योजना के साथ अन्य सुविधाएं भी दी जाएगी।

