तुलसी भवनके प्रयाग कक्ष में श्रीमती प्रतिभा प्रसादजी के तीसरे काव्य संग्रह रसरंग का विमोचन सिंहभूम जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन तुलसी भवन,जमशेदपुर के तत्वधान में हुआ । इस कार्यक्रम में तुलसी भवन के उपाध्यक्ष रामनंदन प्रसाद ,श्री नर्मदेश्वर पाण्डे, मानदमहासचिव,मुख्य अतिथि के रूप में डॉ जंगबहादुर पांडेय ,विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ रागिनी भूषण जी तथा दिनेश्वर प्रसाद दिनेश जी थे।मुख्य वक्ता डॉ अनिता शर्मा थी ।संचालन श्रीमती अरुणभूषण,धन्यवाद ज्ञापन अजय ओझा जी नेकिया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ अनीता शर्मा ने कहा कि कवयित्रीत्र ने यथार्थ को जिया है ,भोगा है और वही भोगा हुआ यथार्थ काव्य रूप में प्रस्फुटित हुआ है ,विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉक्टर रागनी भूषण जी ने कहा कि प्रतिभाजी नीचे गहराइयों से उठकर, दीप जलाकर अनवरत आगे बढ़ी हैं ,विशिष्ट अतिथि के तौर पर दिनेश्वर प्रसाद जी ने कहा कि कविता संग्रह में वास्तव में सब रंग समाहित है ।कविता कवयित्री की रचना है ।श्रीमती प्रतिभा प्रसाद जी ने अपनी रचनाओं पर प्रकाश डाला और उन्होंने बताया कि जर्मन भाषा में अनुवादित उनकी दो रचनाएं पाठ्य पुस्तकों में भी शामिल की गई ।मुख्य अतिथि के तौर पर रांची से पधारे पांडे जी ने कहा कि कविता में स्वाभाविक सृजन है कविता में मनुष्यता की भूमि है। कविता लिखना कठिन काम है और काम किया है श्री प्रतिभा प्रसाद जी। रामनंदन जी ने कहा कि तुलसी भवन हिंदी के संरक्षण संवर्धन और साहित्य सर्जन के लिए प्रेरक के रूप में काम करता रहा है ।इस समारोह में शहर के प्रसिद्ध साहित्यकार राजदेव सिन्हा, यमुना तिवारी ,अजय कुमार , वीना पांडे भारती जी,डॉ जूही समर्पिता,माधुरी मिश्र आदि सम्मिलित थे।