रांची : झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन को लेकर स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट का सम्मान दिया गया. सोमवार को कंस्टीट्यूशन क्लब दिल्ली में आयोजित स्कॉच अवार्ड कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत झारखंड में की गयी सोशल ऑडिट पहल को सराहा गया. झारखंड को टॉप रैंकिंग हाउसिंग प्रोजेक्ट्स इन इंडिया की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया. स्कॉच ग्रुप द्वारा आयोजित अवॉर्ड को नगरीय प्रशासन निदेशालय के सहायक निदेशक संजय कुमार व पीएमएवाई विशेषज्ञ राजन कुमार ने प्राप्त किया. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण अपनाने वाला झारखंड देश का पहला राज्य है. इस मुहिम की सराहना पूर्व में भी कई बार केंद्रीय शहरी आवास मंत्रालय के उच्चाधिकारी कर चुके हैं. राज्य के शहरी इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हो रहे आवास निर्माण के क्रियांवयन के बारे में लाभुकों, आम नागरिकों व जनप्रतिनिधियों से फीडबैक, शिकायत या सुझाव आदि लेने के लिए सामूहिक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित की जाती है. जनसुनवाई में आवासों की गुणवत्ता, समय पर किस्त भुगतान, नगर निकाय की कार्यशैली आदि के बारे में सार्वजनिक रूप से पूछताछ कर योजना क्रियांवयन का सामाजिक अंकेक्षण किया जाता है. पहले चरण में राज्य के सात चयनित नगर निकायों में सोशल ऑडिट कार्यक्रम की शुरुआत की गयी थी. इसी पहल के लिए झारखंड को अवार्ड के लिए चुना गया है.
देश के 4,237 नगर निकायों में कराये गये स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में झारखंड के शहरों को काफी सराहना मिल रही है. सर्वेक्षण की विभिन्न कैटेगरी में मिलने वाले 60 अवार्ड में पहले ही झारखंड के पांच शहरों रांची, चतरा ,चक्रधरपुर, फुसरो और गुमला का चयन किया गया था. अब अन्य 70 अवॉर्ड में भी झारखंड के तीन शहरों को चुना गया है. पाकुड़, साहिबगंज और राजमहल आगामी छह मार्च को दिल्ली में होनेवाले सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया जायेगा. हालांकि, इन शहरों को किस कैटेगरी विशेष में अवार्ड मिलेगा, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है. चुने जानेवाले सभी 10 शहरों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अवार्ड देंगे.अब तक झारखंड को विभिन्न कैटेगरी में राज्य के आठ शहरों को अवॉर्ड्स मिलना सुनिश्चित हो गया है.
नगर विकास एवं आवास विभाग राष्ट्रपति द्वारा वितरित किये जानेवाले अन्य 10 अवार्ड की घोषणा में भी झारखंड के शहरों को चुने जाने की उम्मीद कर रहा है. यह अवार्ड शहरों की साफ-सफाई, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, शहरों को खुले शौच से मुक्त करने, डोर-टू-डोर कचरा का उठाव सुनिश्चित करने, सॉलिड और लिक्विड कचरा के सेग्रीगेशन व डिस्पोजल और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने इत्यादि के लिए दिया जायेगा.
स्वच्छता के क्षेत्र में झारखंड के शहरों को मिली सफलता पर नगर विकास व आवास मंत्री सीपी सिंह, सचिव अजय कुमार सिंह व स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक अमित कुमार ने विभाग के अधिकारियों और राज्य के शहरी नागरिकों को बधाई दी है. उन्होंने कहा है कि सरकार पूरी तत्परता और संजीदगी के साथ स्वच्छता के क्षेत्र में काम कर रही है. यह सफलता उसी का नतीजा है.