बीजिंग. अमेरिका के साथ चल रहे भारी तनाव के बीच चीन के फाइटर जेट ने एक बार फिर से दक्षिण चीन सागर में बम बरसाए हैं. बताया जा रहा है कि चीन के रूस निर्मित सुखोई-30 और बमवर्षक विमानों एच-6 का यह अभ्यास करीब 10 घंटे तक चला. इस अभ्यास के दौरान चीन की एयरफोर्स ने साउथ चाइना सी में अपनी युद्ध क्षमता को परखा. यह युद्धाभ्यास कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चीन के पांच में से 3 कमांड ने इसमें हिस्सा लिया.चीन के सरकारी रेडियो चाइना नैशनल रेडियो ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दक्षिणी थिएटर कमांड ने दो बमवर्षक विमानों को दिन और रात में जंग के अभ्यास के लिए अज्ञात स्थान से भेजा. पिछले महीने भी चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उसने दक्षिण चीन सागर में रात में लंबी दूरी तक बम बरसाने का अभ्यास किया था. इस दौरान कई डमी लक्ष्यों को बम गिराकर बर्बाद किया गया था. चीनी अखबार पीपल्स डेली की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के लड़ाकू विमानों ने रूबी रीफ के पास भी अभ्यास किया था. इस कृत्रिम द्वीप को चीन ने अपने सैन्य अड्डे के रूप में तब्दील कर दिया है.इस बीच ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि उसके सुखोई-30 फाइटर जेट ने करीब 10 घंटे तक हवा में रहकर नया रेकॉर्ड बनाया है. इस दौरान विमानों के अंदर हवा में ही ईंधन भरा गया. अखबार ने दावा किया कि किसी चीनी फाइटर जेट के एक बार में उड़ान का यह अपने आप में रेकॉर्ड है. उसने कहा कि इस अभ्यास का बहुत बड़ा रणनीतिक महत्व है, क्योंकि चीनी सेना अब पूरे साउथ चाइना सी में गश्त लगा सकती है. इस अभ्यास में शामिल एक पायलट ने दावा किया कि यह अभ्यास रेकॉर्ड बनाने के लिए नहीं बल्कि युद्ध की तैयारियों को परखने के लिए किया गया था.

