नई दिल्ली. गलवान घाटी में भारतीय जवानों के साथ झड़प से उपजे तनाव के बाद भी चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा है. अब चीन ने हिमाचल के किन्नौर जिले की सीमा से सटे अपने कब्जे वाले तिब्बत में 20 किमी तक सड़क निर्माण किया है.जानकारी के अनुसार चीन ने सीमा से सटे किन्नौर जिला के मोरंग घाटी क्षेत्र के कुनु चांग से आगे खेम कुल्ला पास की ओर सड़क बनाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है. दो किलोमीटर के नो मेन्स लैंड क्षेत्र में भी चीन द्वारा सड़क निर्माण करने की आशंका है.गौरतलब है कि किन्नौर में तिब्बत से 120 किमी का बॉर्डर एरिया है. अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा मामला होने के कारण अभी तक प्रशासन और सुरक्षा बलों के अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.जानकारी के अनुसार किन्नौर के कुन्नू चारंग गांव के समीप रंगरिक टुम्मा तक सीमा पार से कई बार अंधेरा होते ही ड्रोन या कोई अन्य यूएफओ की तरह आने की शिकायत की बात भी सामने आई है. बौद्ध भिक्षुओं ने रंगरिक टुम्मा में 8 जून को करीब 20 ड्रोन देखे थे, लोगों ने बताया है कि एक से अधिक संख्या में इस तरह के ड्रोन का आना आम बात हो गई है.हाल ही में चारंग गांव का 9 सदस्यीय दल 16 घोड़े और 5 पोर्टर और अर्धसैनिक बल के कुछ जवान के साथ गांव से करीब 22 किलोमीटर ऊपर बार्डर की ओर गए थे. जब दल ने तिब्बत क्षेत्र की ओर नजर दौड़ाई तो वे हैरत में पड़ गए. दो महीने में चीन ने तेजी से करीब 20 किलोमीटर सड़क का निर्माण भारत-तिब्बत सीमा की ओर किया है.इस दल ने बताया कि बीते वर्ष अक्टूबर में तिब्बत में भारत की ओर के आखिरी गांव तांगों तक ही सड़क थी, लेकिन इस बार बर्फ हटते ही दो महीने में तिब्बत के तांगों गांव से भारत सीमा की ओर 20 किलोमीटर तक सड़क का निर्माण कर दिया गया है. दूसरी ओर सांगला घाटी के छितकुल के पीछे तिब्बत के यमरंग ला की ओर भी सड़क निर्माण किया जा रहा है.
चालबाजी से बाज नहीं आ रहा चीन, सीमा के पास किया 20 किमी लंबी सड़क का निर्माण
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