Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कड़ाके की ठंड से एलएसी पर चीनी सैनिकों के छूट रहे पसीने, अग्रिम चौकियों से रोजाना बदल रहे जवान
    Breaking News राष्ट्रीय

    कड़ाके की ठंड से एलएसी पर चीनी सैनिकों के छूट रहे पसीने, अग्रिम चौकियों से रोजाना बदल रहे जवान

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 2, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में कड़ाके की ठंड के चलते चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की हालत अभी से खराब होने लगी है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वे और कब तक भारतीय जवानों के सामने इस ठंड में टिक पाएंगे. ठंड के मौसम में अनुभवहीन चीनी सेना रोजाना अग्रिम चौकियों पर अपने जवानों को बदल रहे हैं, जबकि भारतीय सैनिक उसी लोकेशन में लंबे समय से तैनात हैं.

    सूत्रों के मुताबिक हमारे सैनिक चीनी जवानों के मुकाबले लंबे समय तक वास्तविक नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकियों पर तैनात हैं.

    कड़ाके की ठंड और इस मौसम के अनुभवहीन चीनी सैनिकों के चलते चीन की तरफ से रोजाना सैनिकों को वहां से बदला जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि चीन के मुकाबले भारतीय सेना के जवानों को ऐसे मौसम से मुकाबला करने में बढ़त हासिल है, क्योंकि उनमें से कई पहले ही पूर्वी लद्दाख और सियाचीन जैसी अन्य चोटियों पर ड्यूटी कर चुके हैं.

    सूत्रों ने बताया कि चीन की तरफ से सामरिक ऊंचाई वाली जगहों पर भारतीय जवानों के मुकाबले तैनात किए गए सैनिकों पर ठंड का असर देखा जा सकता है. एक तरफ जहां भारतीय जवान वहां पर ठहरे हुए हैं तो वहीं चीनी सेना रोजाना नए जवानों की तैनाती कर पहले से तैनात सैनिकों को बदल रही है.

    गौरतलब है कि मई से भी भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में विवाद शुरू हुआ है. चीन की तरफ से भारी हथियार और टैंक के साथ करीब 60 हजार सैनिकों को पूर्वी लद्दाख में भारतीय सीमा से लगते एलएसी पर तैनात कर दिया गया.

    इसके बाद भारतीय सेना ने भी चीन की इस चाल को भांपते हुए करीब इतनी ही संख्या में वहां पर अपने जवानों को तैनात कर दिया. दोनों पक्षों के बीच 15 जून को गलवान में भारी हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए जबकि करीब 40 चीनी सैनिक हताहत हुए थे. भारत चाहता है कि पहले चीन दक्षिणी पैंगोंग त्सो के पास फिंगर इलाकों अपने सैनिकों की वापसी करे.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleआज का दिन – बुधवार 2 दिसंबर 2020 : देवी आराधना से मिलती हैं दिव्य शक्तियां….
    Next Article किसानों-सरकार की 2 घंटे चली बैठक बेनतीजा, समिति बनाने की केंद्र की योजना को आंदोलनकाारियों ने ठुकराया

    Related Posts

    हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर झामुमो ने रोपे 51 पौधे

    August 10, 2026

    तीन माओवादियों से पूछताछ के बाद हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

    August 10, 2026

    चांडिल डैम के विस्थापितों का मुद्दा विधानसभा में उठा

    August 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर झामुमो ने रोपे 51 पौधे

    तीन माओवादियों से पूछताछ के बाद हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

    चांडिल डैम के विस्थापितों का मुद्दा विधानसभा में उठा

    100 केवी का ट्रांसफार्मर,एक सप्ताह से अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण

    परसुडीह में आधा किलो गांजा के साथ ठेका कर्मी गिरफ्तार

    झामुमो पोटका प्रखंड कमिटी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्म दिन मनाया

    5 दिन में 59वीं बार SDP दान कर सुनील आनंद ने पेश की मानव सेवा की मिसाल

    हर घर नल-जल पहुंचाने पर जोर, अधूरी योजनाएं जल्द पूरी करने का निर्देश

    माताजी आश्रम के शिवालय में रुद्राभिषेक, आरती और भंडारा का आयोजन

    चौरसिया परिवार ने धूमधाम से मनाया नागपंचमी महोत्सव

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.