लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता
देशभर के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में चेन स्नैचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों खासकर महिलाओं और बुजुर्गों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बाइक सवार बदमाश दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं, और पुलिस अक्सर सीसीटीवी फुटेज के भरोसे रह जाती है। झारखंड का सरायकेला-खरसावां जिला भी इस तरह के स्ट्रीट क्राइम से अछूता नहीं है। यहां आदित्यपुर थाना क्षेत्र में एक बार फिर चेन स्नैचिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि अपराधी कितने बेखौफ हो चुके हैं कि वे सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले निर्दोष नागरिकों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे।
चेन स्नैचिंग की घटना का विवरण
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के मॉर्निंग वॉक पर निकली एक महिला से बाइक सवार दो बदमाशों ने सोने की चेन छीन ली। यह घटना टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग स्थित भाटिया बस्ती सर्विस रोड पर नायक होटल के समीप हुई। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार पीड़िता बबिता सिंह, पति दिलीप सिंह, सुबह टहलने के लिए घर से निकली थीं। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक उनके पास पहुंचे और गले से सोने की चेन झपटकर तेज रफ्तार से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना आदित्यपुर थाना पुलिस को दी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में कई अहम सुराग सामने आए हैं। फुटेज में दोनों आरोपी हेलमेट पहने दिखाई दे रहे हैं, जबकि बाइक चला रहा युवक हाफ पैंट में नजर आ रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बाइक के आगे और पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगी हुई थी। आगे की प्लेट पर JH05CD अंकित है, जबकि पीछे की प्लेट पर JH ? 9883 लिखा दिखाई दे रहा है। इससे आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया।
पुलिस जांच और स्थानीय मांग
आदित्यपुर थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी है। पुलिस बाइक और दोनों आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
इधर स्थानीय लोगों का कहना है कि आरआईटी मोड़ और आसपास का इलाका लगातार आपराधिक घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की जा रही है। स्थानीय पार्षद मनोरमा देवी ने भी पुलिस प्रशासन से नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर नजर रखने और चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट क्राइम की बढ़ती चुनौती को उजागर किया है। पुलिस प्रशासन को न केवल सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत करने बल्कि रात्रि गश्त और सुबह के समय संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की व्यवस्था करनी होगी। नागरिकों को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को देने की आवश्यकता है। अधिक जानकारी के लिए आप सरायकेला-खरसावां जिला के बारे में पढ़ सकते हैं। [INTERNAL_LINK_HOLDER]
चेन स्नैचिंग रोकथाम के उपाय और नागरिक जागरूकता
बढ़ती चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को बहुआयामी रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। सबसे पहले, संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए जिनकी निगरानी 24 घंटे कंट्रोल रूम से हो। दूसरे, सुबह-शाम मॉर्निंग वॉक के समय पार्कों, सर्विस रोड और सुनसान गलियों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जानी चाहिए। तीसरे, बिना नंबर प्लेट या फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। नागरिकों की तरफ से भी सतर्कता जरूरी है; महिलाओं को भारी आभूषण पहनकर अकेले सुनसान रास्तों पर निकलने से बचना चाहिए और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत डायल 112 या स्थानीय थाने को सूचित करना चाहिए। सामुदायिक पुलिसिंग और नागरिक सुरक्षा समितियों को सक्रिय कर मोहल्ला स्तर पर निगरानी तंत्र विकसित किया जा सकता है। आदित्यपुर की इस घटना को केस स्टडी मानकर पुलिस को अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि आमजन में विश्वास कायम रहे और अपराधियों में कानून का भय पैदा हो।

