Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अपनी जिंदगी को आवश्यक बचाएं,मौलाना सद्दाम
    Breaking News झारखंड

    अपनी जिंदगी को आवश्यक बचाएं,मौलाना सद्दाम

    Nizam KhanBy Nizam KhanMay 15, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    अपनी जिंदगी को आवश्यक बचाएं,सद्दाम हुसैन प्रदेश प्रवक्ता कौमी इत्तैहाद मोर्चा।

    इस वर्ष रमजान का हाल कुछ दशकों के रमजानों से भिन्न है।
    इस बार रमजान के सभी उद्देश्यों को अपने जीवन मे सही मायनों में आत्मसात करने तथा इस्लाम धर्म के कठोर अनुशासन के नियमों को चरितार्थ करने का अवसर हे।
    पुरा विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है इस संक्रमण के विरोध उपायों में जहां बहुत सारे चिकित्सक तथा स्वच्छता के नियमों का अपनाया जा रहा है,वहीं सबसे कारगर उपायों में सामाजिक दूरी बनाने एवं सार्वजनिक स्थानों पर न जाने के नियमों का विशेष रूप से पालन किया जा रहा है।
    इस वर्ष कोरोना महामारी की पृष्ठभूमि में सामाजिक दूरी बनाए रखना ना केवल अनिवार्य हे बल्कि कई मायनों में संव्यं कुरान की शिक्षा एवं पैगंबर साहब के कथनों अनुसार जीवन रक्षा तुल्य कार्य है जिस पर अमल करना परंपरिक रूप से जमात से नमाज अदा करना अथवा अफतार पार्टी के सर्वजनिक आयोजनों से किसी प्रकार कम नहीं होगा। रोजा तथा नमाज के नियमों का पालन जिवित मनुष्यों के लिए अनिवार्य है अर्थात एक व्यक्ति जीवित रह कर ही इन नियमों का पालन कर सकता है,इसलिए देखा जाए तो जीवित रहना अर्थात जीवन को बचाना परम आवश्यक कर्म है और वास्तव में यही धर्म हे।अतः आवश्यक है कि इस बार नमाज तराविह और अफतार आदि का आयोजन व्यक्तिगत रूप से अपने घरों में ही करें।
    यदि मई महीने के अंत तक कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार नहीं हेता हे तो हमें ईद की नमाज त्याग के लिए भी मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।
    बिला जरूरत ईद की मार्केटिंग करने से दूरी रहना चाहिए।
    अपने पड़ोस के गरीब जरूरतमंदों का खूब ख्याल रखने चाहिए। उक्त बातें कौमी इत्तेहाद मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता मौलाना सद्दाम हुसैन ने कहा।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleराकेश तिवारी ने बेजुबान जानवरों के लिए भोजन सामग्री कराया उपलब्ध
    Next Article देश में 80 हजार के पार पहुंची कोरोना संक्रमितों की संख्या, तेजी से बढ़ रहे मामले

    Related Posts

    मुंबई लोकल ट्रेन बनी कत्लगाह: मयंक लोहार की हत्या

    June 24, 2026

    झारखंड में 262 चयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

    June 24, 2026

    टाटा स्टील वेतन समझौता: कर्मचारियों को मिलेगा MGB लाभ

    June 24, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    भरत तिवारी मुठभेड़ पर न्यायिक जांच की मांग

    मुंबई लोकल ट्रेन में मयंक लोहार की हत्या

    मुंबई लोकल ट्रेन बनी कत्लगाह: मयंक लोहार की हत्या

    केतन हत्याकांड: बहन के संदेह से खुला शोकांकित सच

    झारखंड में 262 चयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

    चढ़ावा लूट: मंदिरों का इतिहासिक खजाना

    भरत तिवारी एनकाउंटर: बाबा बागेश्वर की एंट्री, राष्ट्रीय चर्चा में मामला

    केतन हत्याकांड का राज खुला: बहन के शक ने किया खुलासा

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: अवसरों को साधने की चुनौती

    स्मार्टफोन की लत: डिजिटल युग की वैश्विक चुनौती

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.