नई दिल्ली: रेलवे प्रटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने 21 जनवरी मंगलवार को एक ऐसे ई-टिकटिंग रैकिट का खुलासा किया, जिसके तार दुबई, पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हुए हैं. आरपीएफ डीजी अरुण कुमार ने बताया कि इसके पीछे टेरर फंडिंग का शक है. रैकिट का सरगना दुबई में है. जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. इस मामले में गिरफ्तार एक ही शख्स के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 2,400 ब्रांचों में अकाउंट मिले हैं.आरपीएफ डीजी ने बताया कि झारखंड के रहने वाले गुलाम मुस्तफा को गिरफ्तार किया गया है. उसके पास आईआरसीटीसी के 563 आईडी मिले हैं. इसके अलावा संदेह है कि एसबीआई के 2,400 और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की 600 शाखाओं में उसके बैंक खाते हैं. अरुण कुमार ने बताया कि ई-टिकटिंग रैकिट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए गुलाम मुस्तफा से आईबी, स्पेशल ब्यूरो, ईडी, एनआईए और कर्नाटक पुलिस पूछताछ कर चुकी है. रैकिट का मास्टरमाइंड सॉफ्टवेयर डिवेलपर हामिद अशरफ 2019 में गोंडा के स्कूल में हुए बम ब्लास्ट में शामिल था. फिलहाल वह दुबई में है.