नई दिल्ली. भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की एंट्री को लेकर छिड़ी बहस के बीच मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को सीधा और स्पष्ट संदेश दिया है। रिलायंस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि उसे प्रतिस्पर्धा से कभी डर नहीं लगा और वह सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में स्टारलिंक सहित दुनिया की किसी भी कंपनी के साथ निष्पक्ष मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही रिलायंस ने साफ किया कि उसकी खुद की सहयोगी कंपनी जियो सैटेलाइट भी जरूरी सरकारी मंजूरियों की कतार में है और देश का कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए। सभी कंपनियों को करना होगा भारतीय कानूनों का पालन रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि भारत में कारोबार करने की इच्छुक हर कंपनी को देश के नियमों, सुरक्षा मानकों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। कंपनी ने सरकार के रुख का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि चाहे आवेदक भारतीय कंपनी हो या विदेशी बहुराष्ट्रीय दिग्गज, सभी के लिए एक समान पारदर्शी नियम और नीतियां लागू होती हैं। रिलायंस का मानना है कि देश के विकास और नवाचार के लिए खुला कारोबारी माहौल बेहद जरूरी है, लेकिन यह पूरी व्यवस्था कानून के शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में ही संचालित होनी चाहिए। जियो की सैटेलाइट सेवाओं को भी अभी सरकारी मंजूरियों का इंतजार स्टारलिंक के प्रवेश को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रिलायंस ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसकी खुद की सैटेलाइट सेवा जियो स्पेसफाइबर भी अभी तक आवश्यक वैधानिक मंजूरियों का इंतजार कर रही है। ऐसे में किसी भी कंपनी को विशेष छूट देने या नियमों को दरकिनार करने का सवाल ही नहीं उठता। कंपनी का यह बयान उस समय सामने आया है जब सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन और सुरक्षा मंजूरी को लेकर वैश्विक व घरेलू कंपनियों के बीच खींचतान की खबरें चर्चा में हैं। शून्य से 53 करोड़ ग्राहकों तक का सफर प्रतिस्पर्धा के अपने लंबे अनुभव का हवाला देते हुए रिलायंस ने कहा कि जब 2016 में रिलायंस जियो ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था, तब उसके पास एक भी उपभोक्ता नहीं था। पिछले एक दशक में कड़ी प्रतिस्पर्धा और भारी निवेश के दम पर कंपनी ने 53 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं का भरोसा जीता है। कंपनी ने रेखांकित किया कि जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति लाकर डेटा को सबसे किफायती बनाया और विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया। रिलायंस के अनुसार, बाजार में प्रतिस्पर्धा का असली पैमाना यह तय करता है कि कौन उपभोक्ताओं को सबसे बेहतर, सुरक्षित और सस्ती सेवाएं उपलब्ध कराता है। उपभोक्ताओं को मिलेगा तेज इंटरनेट, नियमों के दायरे में होगा कड़ा मुकाबला रिलायंस ने अपने बयान में स्पष्ट संदेश दिया है कि वह सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेक्टर में स्टारलिंक समेत किसी भी प्रतिद्वंद्वी का स्वागत करने से पीछे नहीं हटती। बशर्ते हर कंपनी को देश की संप्रभुता, टेलीकॉम नीतियों और स्थानीय विनियमों का पूरा सम्मान करना होगा। आने वाले दिनों में जब भारत में सैटेलाइट इंटरनेट का बाजार पूरी तरह खुलेगा, तो वैश्विक और घरेलू दिग्गजों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी, जिसका सीधा लाभ दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रतिस्पर्धी दरों के रूप में मिलेगा।

