नई दिल्ली: विंग कमांडर अभिनंदन की स्वदेश वापसी को लेकर वाघा बार्डर पर लोगों का सैलाब उमड़ रहा है. हालांकि उनके स्वदेश वापसी के समय में बदलाव किया गया है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि अब उनकी स्वदेश वापसी पाकिस्तानी समयानुसार 3 से 4 बजे के बीच होगी. पहले बताया गया था कि अभिनंदन दोपहर बाद 2 बजे तक बाघा बार्डर पर पहुंच सकते हैं. पाक सेना विंग कमांडर अभिनंदन को वाघा बॉर्डर तक ले जाएगी. पाक सेना उन्हें वहां भारतीय उच्चायुक्त के प्रतिनिधि को सौंपेगी. अटारी बॉर्डर पर अभिनंदन के लौटने से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. मीडिया को बॉर्डर से तकरीबन एक किलोमीटर पहले कस्टम पोस्ट (आईसीपी) के बाहर रोका गया है. उन्हें यहां से आगे जाने की इजाजत नहीं है. इस दौरान पाकिस्तान से रोजाना आने वाली बस भारत पहुंची और उसे कड़ी सुरक्षा में निकाला गया. अभिनंदन का स्वागत करने के लिए अटारी संयुक्त जांच चौकी (जेसीपी) पर में भारी संख्या में लोग जुटे हैं. अटारी में लोगों का सुबह छह बजे से ही पहुंचना शुरू हो गया और सुबह नौ बजे तक लोगों का हुजूम उमड़ आया. अपने दोस्तों के साथ यहां पहुंचे अमृसतसर के रहने वाले जितेंद्र ने कहा, “हम यहां अपने देश के नायक की घर वापसी पर उसका स्वागत करने के लिए आए हैं. हम उसका भव्य स्वागत करेंगे. उसने हवाई लड़ाई में बहुत बहादुरी दिखाई और पाकिस्तानियों के कब्जे में होने के बाद भी दिलेरी दिखाई. ढोल के साथ पहुंचे मंजीत सिंह ने कहा, विभिन्न मौकों पर कई हस्तियां और गणमान्य लोग अटारी सीमा पर आते रहते हैं लेकिन आज एक सच्चा नायक आ रहा है. हम उसका ढोल और भांगड़ा के साथ गर्मजोशी से स्वागत करेंगे.
अभिनंदन के माता-पिता, एयर मार्शल एस. वर्थमान (सेवानिवृत्त) और मां शोभा वर्थमान जो एक डॉक्टर हैं उनका गुरुवार शाम चेन्नई से नई दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में यात्रियों द्वारा उत्साहवर्धन किया गया. दोनों के बेटे के स्वदेश वापसी के मौके पर अटारी में होने की उम्मीद है. 35 वर्षीय विंग कमांडर जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी वायुसेना के जेट विमानों द्वारा उनके मिग-21 बाइसन फाइटर जेट को निशाना बनाए जाने के बाद पाकिस्तानी बलों की पकड़ में आ गए थे. सूत्रों ने कहा कि पायलट को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा रावलपिंडी से लाहौर लाने की संभावना है और शुक्रवार दोपहर जेसीपी लाने से पहले जिनेवा कन्वेंशन के नियमों के तहत रेड क्रॉस (आईसीआरसी) की अंतर्राष्ट्रीय समिति को सौंपे जाने की संभावना है.