लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
शिबू-सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जमशेदपुर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने दिशोम गुरु के संघर्षों को याद करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आमजन भी शामिल हुए।
शिबू-सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम
राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर। झारखंड के जनक, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पूर्वी सिंहभूम जिला समिति ने जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन के नेतृत्व में विभिन्न श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए। साकची स्थित झामुमो जिला संपर्क कार्यालय में गुरुजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद जिला समाहरणालय के समीप जुबली पार्क गोलचक्कर में गुरुजी की प्रस्तावित प्रतिमा स्थापना स्थल पर पारंपरिक रीति-रिवाज से पथलगड़ी एवं पूजा-अर्चना की गई।
इसके उपरांत सोनारी स्थित केंद्रीय सदस्य पवन कुमार सिंह द्वारा स्थापित गुरुजी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। वहीं से मानगो डिमना तिलका माझी चौक से चाकुलिया विधायक समीर मोहंती एवं घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने गुरुजी की स्मृति यात्रा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्मृति रथ का नरगा, फूलडुंगरी, धालभूमगढ़ होते हुए चाकुलिया में स्वागत किया गया तथा झारखंड आंदोलन से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। चाकुलिया में आयोजित सभा में गुरुजी के संघर्ष, झारखंड आंदोलन में उनके योगदान तथा उनके आदर्शों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
शिबू-सोरेन के संघर्ष और आदर्शों को याद किया गया
झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि “गुरुजी हम सभी के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।” उन्होंने कहा कि आदिवासी, मूलवासी, दलित, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए गुरुजी का संघर्ष सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने कहा कि गुरुजी के विचार और आदर्श झारखंड की आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड अलग राज्य आंदोलन का नेतृत्व किया और आदिवासी अधिकारों के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष किया। उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि थी, बल्कि नई पीढ़ी को उनके बलिदान से परिचित कराने का माध्यम भी बना। स्मृति यात्रा रथ ने विभिन्न गांवों से गुजरते हुए जनमानस में गुरुजी के विचारों का प्रचार किया।
कार्यक्रम में प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में मोहन कर्मकार, हिदायतुल्लाह खान, राजू गिरी, कुणाल षाडंगी, लक्ष्मण टुडू, शेख बदरुद्दीन, प्रमोद लाल, बारी मुर्मू, आदित्य प्रधान, सागेन पूर्ति, अजय रजक, पवन कुमार सिंह, सुमन महतो, आर्तिक महतो, समीर मोहंती, सोमेश चंद्र सोरेन, वीर सिंह सुरीन, हीरामणि मुर्मू, खुद्दू उरांव, सुनील महतो, बाघराय मार्डी, महावीर मुर्मू, लालटू महतो, पंकज सिन्हा, विधा सागर दास, जलील खान, शेख नासिर खान, रतन महतो, कालीपदो गोराई, प्रीतम हेंब्रम, सुशील हेंब्रम, दलगोविंद लोहारा, चंद्रावती महतो, गंगा देवी, सविता दास, झरना पाल, रजनी दास, अंकित सिंह, बंटी सिंह, अभय पाण्डेय, गोपाल महतो, प्रह्लाद लोहारा, बिनोद डे, सपन राय, नान्तू सरकार, गोकुल मार्डी, राकेश राव, अरुण सिंह सहित बड़ी संख्या में झामुमो नेता, कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला सचिव रतन महतो ने किया।
शिबू-सोरेन की विरासत आज भी झारखंड की राजनीति और समाज को दिशा देती है। उनके सिद्धांतों पर चलकर ही राज्य का समग्र विकास संभव है। इस अवसर पर झामुमो नेताओं ने गुरुजी के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दोहराया। अधिक जानकारी के लिए झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

