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    पूरे विश्व के इतिहास में मिशाल है 21 वर्ष की तपस्या के बाद लिया गया , माँ भारती पर हुए जुल्म का ऐसा बदला – काले

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 31, 2021No Comments3 Mins Read
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    पूरे विश्व के इतिहास में मिशाल है 21 वर्ष की तपस्या के बाद लिया गया , माँ भारती पर हुए जुल्म का ऐसा बदला – काले

    सर्व धर्म समभाव के प्रतीक थे शहीद उधम सिंह – धनुर्धर त्रिपाठी

    आजादी के संग्राम के सर्वोच्च महानायकों में थे उधम सिंह – रामकेवल मिश्रा

    # सरदार उधम सिंह की पुण्यतिथि पर नमन ने दी श्रद्धांजलि

    भारत मां के वीर सपूत शहीद उधम सिंह जिसने दुश्मन को उसी के घर में घुसकर मारा और जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लिया था। वैसे महान बलिदानी के पुण्यतिथी पर शहर की अग्रणी संस्था नमन ने अपने कार्यालय सहित बिरसानगर एवं 10 नंबर बस्ती में श्रद्धांजलि अर्पित की।

    उक्त अवसर पर काले ने कहा की अविश्वसनीय और अकल्पनीय है और पूरे विश्व के इतिहास में यह एक ऐसी मिशाल है जो शायद किसी ने सुनी होगी, किस प्रकार एक 19 वर्ष का नौजवान , 21 वर्ष की तपस्या के बाद , माँ भारती पर हुए जुल्म का बदला उन अंग्रेजों के धरती पर जा कर लेता है जिनके नौकरशाहों ने हमारे देश पर जुल्म ढा रखे थे और हज़ारों निर्दोष महिलाओं , बच्चों , बुजुर्गों को 13 अप्रेल 1919 को जलियाँवाला बाग में गोलियों से भून डाला था। उधम सिंह के सामने ही जलियांवाला बाग नरसंहार हुआ था वे प्रत्यक्षदर्शी थे, वे गवाह थे उन हजारों बेनामी भारतीयों की नृषंश हत्या के, जो तत्कालीन जनरल डायर के आदेश पर गोलियों के शिकार हुए। यहीं पर उन्होंने जालियांवाला बाग की मिट्टी हाथ में लेकर जनरल डायर और पंजाब के गवर्नर माइकल ओ डायर को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा ली, जिसके बाद क्रांतिकारी बनें और अपनी प्रतिज्ञा पूरी करके दुनिया को संदेश दिया कि अत्याचारियों को भारतीय वीर कभी बख्शा नहीं करते। इस तरह यह क्रांतिकारी भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में अमर हो गया।

    मौके पर धनुर्धर त्रिपाठी ने कहा कि उधम सिंह देश में सर्व धर्म समभाव के प्रतीक थे भारतीय समाज की एकता के लिए अपना नाम बदलकर राम मोहम्मद सिंह आजाद रख लिया था, जो भारत के तीन प्रमुख धर्मों का प्रतीक है

    मौके पर रामकेवल मिश्रा ने कहा कि आजादी के संग्राम के सर्वोच्च महानायकों में से एक थे उधम सिंह उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

    इस कार्यक्रम का संचालन राजीव कुमार ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन जूगुन पांडे ने किया।

    इस कार्यक्रम में राघवेन्द्र शर्मा, अखिलेश पांडेय, संदीप सिंह पप्पू, रिया मित्रा,अनीशा सिन्हा, शुक्ला हलदर, गोल्डी, सतवीर सिंह, परमजीत सिंह काले, पप्पू राव, अमर सिंह, महेश मिश्रा, बिभाष मजुमदार, सतविंदर सिंह, सरबजीत सिंह टोबी,सुमन,धीरज चौधरी, दीपक महतो,मोहन दास,विक्की तारवे,शेखर मुखी,सुभम लाल,सूरज चौबे,राज सिंह, रामा राव,मन्नू ढोके,राजू कुमार,मनोज हलदर, शुरू पात्रो, जॉनी भुइयां, विकाश महानंद,अमरेंद्र,सूरज,जितेन्द्र,हिमांशु एवं अन्य ने मुख्य रूप से शामिल होकर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित की

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