Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सूबे की योगी सरकार ने सरकारी विभागों में पदोन्नति को लेकर आने वाली बाधा दूर करते हुए 10 साल की जगह पांच साल की प्रविष्टियों पर पदोन्नति देने का किया फैसला
    Headlines उत्तर प्रदेश

    सूबे की योगी सरकार ने सरकारी विभागों में पदोन्नति को लेकर आने वाली बाधा दूर करते हुए 10 साल की जगह पांच साल की प्रविष्टियों पर पदोन्नति देने का किया फैसला

    Bishan PapolaBy Bishan PapolaMay 8, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लखनऊ। सूबे की योगी सरकार ने सरकारी विभागों में पदोन्नति को लेकर आने वाली बाधा दूर करते हुए 10 साल की जगह पांच साल की प्रविष्टियों पर पदोन्नति देने का फैसला किया है। इस संबंध में नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने आदेश जारी कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक अंतिम पांच वर्षों का चयन वर्ष से ठीक पांच वर्ष पूर्व की अवधि के अभिलेखों को देखा जाएगा। उदाहरण के लिए चयन वर्ष 2021–2022 में यदि चयन 31 दिसंबर 2021 के पूर्व संपन्न होगा तो इसके लिए मुख्य रूप से वर्ष 2015–2016 से वर्ष 2019–2020 तक वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों व अन्य अभिलेखों आदि का संज्ञान लिया जाएगा। 31 दिसंबर 2021 के बाद संपन्न होने वाले चयनों के लिए मुख्य रूप से वर्ष 2016–2017 से वर्ष 2020–2021 तक की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों व अन्य अभिलेखों आदि का संज्ञान लिया जाएगा।
    इसके साथ ही वृहद दंड पर तीन साल पदोन्नति नहीं दी जाएगी और लघु दंड पर एक साल पदोन्नति नहीं दी जाएगी। अगर पहले दंड मिला है और पदोन्नति हो गई है तो आगे की पदोन्नति में इसका संज्ञान नहीं लिया जाएगा।  पांच वर्षों यानी 60 माह में 24 माह से अधिक की प्रविष्टियां पूर्ण न होने की दिशा में चयन आस्थगित किया जाएगा और अंतिम तीन वर्ष 36 माह में से 12 माह से अधिक की वार्षिक गोपीय प्रविष्टियां अपूर्ण अप्राप्त होने की दिशा में चयन आस्थगित किया जाएगा। वेतन वृद्ध रोके जाने की दिशा में संबंधित कार्मिक को दंड आदेश पारित होने के बाद संपन्न होने वाले प्रथम तीन चयन वर्षों में अलग रखा जाएगा। लेकिन संबंधित कार्मिक के लिए पारित दंडादेश में यदि कोई नियत समयवधि अंकित नहीं है (एक या अधिक वर्षों के लिए संचयी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोका जाना) तो उतने चयन वर्षों में संबंधित कार्मिक को अनुपयुक्त घोषित किया जाएगा। उस कार्मिक को तब तक पदोन्नति नहीं दी जाएगी जब तक दंड में उल्लेखित अवधि समाप्त न हो जाए। संबंधित कार्मिक रिक्तियों की उपलधता और ज्येष्ठता होने के बाद दो बार अनुपयुक्त किया जाएगा।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleगुजरात में चल रहे तीन दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट का उदघाटन
    Next Article गुड़गांव में 30 करोड़ की चोरी के मास्टरमाइंड कुख्यात गैंगस्टर विकास लगरपुरिया दुबई में गिरफ्तार, जल्द लाया जाएगा भारत

    Related Posts

    बंगाल बजट: अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित, लाभार्थियों की संख्या घटेगी

    June 22, 2026

    आंतरिक शक्ति का पुंज – योग

    June 22, 2026

    निरोगी रहे तेरी अनमोल काया

    June 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बंगाल बजट: अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित, लाभार्थियों की संख्या घटेगी

    आंतरिक शक्ति का पुंज – योग

    निरोगी रहे तेरी अनमोल काया

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    भालूबासा के विस्थापित दुकानदारों को फिर जगी उम्मीद, दुकान आवंटन प्रक्रिया में आई तेजी

    जदयू ने पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता की जांच की उठाई मांग, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    मानगो शहरी जलापूर्ति योजना फेज-2, पार्ट-B अंतर्गत एनएच-33 के रॉव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू, मेयर सुधा गुप्ता ने किया निरीक्षण

    फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप, कैफे संचालक पुलिस के हवाले

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: राष्ट्रीय बहस तेज़

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.