Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » चांडिल प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है
    Breaking News Headlines चाईबासा जमशेदपुर झारखंड दुमका धनबाद संथाल परगना सरायकेला-खरसावां

    चांडिल प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashMay 19, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Screenshot
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    चांडिल प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है।

    भोजन की तलाश में हाथी लगातार गांवों में घुसकर घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सोमवार देर रात एक सिंगल जंगली हाथी ने चांडिल के लावा बहेराडीह और काशीपुर गांव में जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने पांच घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखा अनाज भी खा गया। घटना के बाद दोनों गांवों के लोगों में भय का माहौल है।

    ग्रामीणों के मुताबिक, देर रात हाथी अचानक गांव में घुस आया और एक-एक कर घरों की दीवारें व छप्पर तोड़ने लगा। घर के अंदर सो रहे लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे। हाथी ने घरों में रखा धान, चावल और अन्य खाद्यान्न भी बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और मशाल जलाकर किसी तरह हाथी को गांव से जंगल की ओर खदेड़ा।

    लावा बहेराडीह गांव में तरनी महतो, पूर्णचंद महतो और राजीव महतो के घरों को हाथी ने नुकसान पहुंचाया। तरनी महतो के घर में रखा अनाज भी हाथी खा गया। इसके बाद हाथी काशीपुर गांव पहुंचा, जहां दो अन्य घरों को भी तोड़ डाला। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिंगल हाथी पिछले कई दिनों से इलाके में सक्रिय है और रात होते ही गांवों में घुसकर तबाही मचा रहा है।
    लगातार बढ़ते हाथी आतंक से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक तरफ घर टूट रहे हैं, दूसरी ओर सालभर के लिए रखा अनाज भी नष्ट हो रहा है। पिछले एक सप्ताह में चांडिल के कई गांवों में एक दर्जन से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंचती और अब तक किसी को मुआवजा भी नहीं मिला है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर ग्रामीण वन विभाग से सुरक्षा और शीघ्र मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleप्रदीप मिश्रा शिष्या पर धोखे से शादी, मारपीट का आरोप

    Related Posts

    प्रदीप मिश्रा शिष्या पर धोखे से शादी, मारपीट का आरोप

    May 19, 2026

    बिरसा मुंडा: जनजातीय कला से जीवन गाथा, रांची में कार्यशाला

    May 18, 2026

    भदोही में यादव महासंघ की महाबैठक: एकजुटता, प्रगति पर जोर

    May 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    चांडिल प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है

    प्रदीप मिश्रा शिष्या पर धोखे से शादी, मारपीट का आरोप

    मिथिला विवि: सिंडिकेट बैठक में जून सीनेट को मंजूरी, नए कॉलेजों में पढ़ाई

    बिरसा मुंडा: जनजातीय कला से जीवन गाथा, रांची में कार्यशाला

    मीरजापुर बनेगा पावर हब: यूपी सरकार की ₹2799 करोड़ की मंजूरी

    भदोही में यादव महासंघ की महाबैठक: एकजुटता, प्रगति पर जोर

    बस सुरक्षा: सिस्टम का खोखलापन और हमारी चुप्पी

    गणि राजेन्द्र विजय: आदिवासी मौन क्रांति के नायक

    राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 के दूसरे दिन हास्य, संस्कृति और राजस्थानी रंगों से सराबोर हुई शाम

    होटवार जेल: महिला कैदी शोषण, न्यायिक हिरासत पर गंभीर सवाल

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.