राष्ट्र संवाद
भारत (इंद्र यादव) आजकल के राजनीति देख के त मन करेला कि माथा पीट लिहल जाव। पहिले जमाना रहे कि लोग लाठी-डंडा से डरत रहे, अब लोग ‘पेनड्राइव’ देख के कांपे लागत बा। अउरी साहेब के चिंता! अरे भाई, साहेब त साहेब बाड़न, उनकर चिंता त इंद्रलोक में इंद्र भगवान के भी बा कि कहीं स्वर्ग के मेनका-रंभा वाला वीडियो केहू ‘लीक’ न क दे!
सीडी लीक! अरे धत!
अगर कवनो सीडी (CD) आइल त का भइल? जमाना बदल गइल बा मालिक। अब त ओकरा के देख के लोग ई ना पूछी कि “ई का ह”, बलुक ई पूछी कि “एडिटिंग केकर ह”। भक्त लोग त तैयार बइठल बा। जइसे ही सीडी बहरी आइल, तइसे ही नारा गुंजी: “ई त साहेब के छवि बिगाड़े के साजिश ह!
एआई (AI) जिंदाबाद!
सबसे बड़ हथियार त अब AI बन गइल बा। कवनो कांड होखे, कवनो वीडियो आवे।
भक्त लोग त अइसन तर्क दी कि वैज्ञानिक भी चकरा जइहें। कहिहें : “ई साहेब ना हवें, ई त एआई के कमाल बा। देखत नईखऽ, साहेब के कुर्ता के चमक वीडियो में १०% कम बा, ई पक्का फर्जी ह!
मुकदमा के खेल
आ ऊपर से जवन ‘फर्जी मुकदमा’ के बात रउआ कहनी, उ त ‘चेरी ऑन द केक’ ह। जवने सीडी निकालल, ओकरे ऊपर मानहानि, देहहानि आ आत्मा-हानि के केस ठोक दिहल जाई। पुलिस अइसन फुर्ती दिखाई कि जइसे अपराधी ना, देश के गद्दार पकड़ा गइल होखे।
इंद्र के चिंता आ नया ट्विस्ट !
इंद्र भगवान सोचत होइहें कि हम त खाली वज्र चलावे जानत रहनी, ई ‘डिजिटल वज्र’ त हमरो सिंहासन हिला देई। अब नया का होई! नया ई होई कि अब नेता जी लोग भाषण ना, बलुक ‘टेक्निकल सर्टिफिकेट’ लेके टहलत रहीहें कि “भाई हम असली हईं, हमार पिक्सेल चेक क लऽ।
सार बात ई बा – अब जमाना ‘सच’ के नईखे, अब जमाना ‘नैरेटिव’ के बा। वीडियो असली होखे या नकली, बस ई तय करे के बा कि ओकरा के ‘एआई’ के टोकरी में डाले के बा कि ‘साजिश’ के झोला में।
साहेब के आत्मविश्वास
विपक्षी नेता: साहेब, रउआ सीडी लीक होखे से डर ना लागेला?
साहेब: (मुस्कुरात हुए) हमरा काहे के डर? हम त ओहू में कहब ‘भाइयो-बहनो, देखिये कैसे एआई ने मेरे चेहरे को और भी ग्लोइंग बना दिया है, ये है बदलते भारत की तकनीक!व्यंग!


