रेल रोको से पहले पढ़ें यह जरूरी संदेश ,सोनुआ थाना प्रभारी का ग्रामीणों से आग्रह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
सोनुआ। सोनुआ थाना प्रभारी शशिवाला भेंगरा ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा है कि अपनी मांग रखना हर नागरिक का हक है, लेकिन इसके लिए कानून तोड़ना सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(b) के तहत हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन रेल रोकना, पटरी पर बैठना, रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँचाना या ट्रेन की आवाजाही बाधित करना अपराध की श्रेणी में आता है।
थाना प्रभारी ने बताया कि ऐसे कृत्य पर रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 174 (ट्रेन रोकना), धारा 150 (रेलवे संपत्ति को नुकसान) और धारा 152 (रेल सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196, 221, 309, 356/357 के तहत भी मुकदमा दर्ज हो सकता है। इन मामलों में 6 महीने से 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है, जो भविष्य में सरकारी नौकरी और पासपोर्ट प्राप्त करने में बाधा बन सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि अपनी समस्याएं लिखित में जिला प्रशासन को दें, शांतिपूर्ण धरना-सभा करें लेकिन रेल लाइन, स्टेशन और पटरियों को न रोकें। उन्होंने कहा कि पुलिस आपकी दुश्मन नहीं बल्कि साथी है और कानून का पालन करने वालों की सुरक्षा करना ही पुलिस का दायित्व है थाना प्रभारी शशिवाला भेंगरा ने कहा आपकी आवाज जरूरी है, पर आपकी और दूसरों की जान भी उतनी ही जरूरी है। आओ मिलकर आंदोलन को शांतिपूर्ण और कानूनी बनाएं।

