पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार, 21 अक्टूबर को जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित पुलिस केंद्र में एक गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों का बलिदान याद किया गया
समारोह की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर की गई। एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि “पुलिस बल के जवान विषम परिस्थितियों में भी देश और समाज की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।” उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की शपथ दिलाई।
शहीद परिवारों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम का सबसे मार्मिक क्षण वह रहा जब शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को मंच पर बुलाकर पुष्पगुच्छ और शॉल देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान माहौल गमगीन हो गया। एसएसपी ने परिजनों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि “पुलिस परिवार हमेशा शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है।”
इतिहास के पन्नों में दर्ज है 21 अक्टूबर की गाथा
पुलिस स्मृति दिवस की शुरुआत 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में हुई एक घटना से मानी जाती है। चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं शहीदों की याद में हर वर्ष 21 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन पुलिस बल अपने उन साथियों को याद करता है जिन्होंने ड्यूटी के दौरान जान गंवाई। अधिक जानकारी के लिए गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में राज्य के कई जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान प्राण न्यौछावर किए हैं। पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस बल भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर शांति व्यवस्था कायम रखने में जुटा है। इस अवसर पर सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी समेत सभी डीएसपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
कर्तव्यनिष्ठा का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। एसएसपी ने युवा पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों पर चलकर जनसेवा करें। उन्होंने कहा कि “वर्दी की गरिमा बनाए रखना हम सबका परम धर्म है।” समारोह में पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
इस आयोजन ने न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि दी बल्कि पुलिस बल के मनोबल को भी ऊंचा किया। शहीदों के परिजनों के चेहरों पर सम्मान पाकर एक संतोष का भाव दिखा। पुलिस केंद्र परिसर में लगे शहीद स्मारक पर दिनभर पुलिसकर्मी और आम नागरिक पुष्प अर्पित करने आते रहे।

