बिहार उप ब्युरो चन्दन शर्मा की रिपोर्ट
पटना (बिहार) प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी के पत्र से बिहार सरकार और उसके मुखिया हरकत में आ गए हैं. पुष्पम प्रिया चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के बाद बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा हेतु मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा था.
पुष्पम प्रिया चौधरी ने पत्र में लिखा था कि “मैं उत्तर बिहार के कई जिलो में बाढ़ प्रभावित लोगों से उनके गांव में मिली हूँ, जिनका सब कुछ उजड़ गया है और जिनके पास दो वक्त का खाना तक नसीब नहीं है. एक भी जगह लोगों को बाढ़ सहायता की 6000 ₹ की राशि परिजनों को नहीं मिली है. जबकि आपकी सरकार की यह स्पष्ट घोषणा है. ”
उन्होंने आगे लिखा कि “आपसे अनुरोध है कि आप व्यक्तिगत ध्यान देकर यह सुनिश्चित करें कि सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को अचूक रूप से बाढ़ सहायता की राशि उपलब्ध हो ताकि जिससे उनके जीवन को कुछ तो आसरा मिल सके.”
प्लुरल्स पार्टी के अध्यक्ष द्वारा पत्र लिखने के बाद नीतीश कुमार ने बुधवार को संवाद कार्यक्रम में बाढ़ आपदा पर उच्चस्तरीय समीक्षा की और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद के लिए अधिकारियों को पंचायतवार आकलन का निर्देश दिया और कहा कि बाढ़ के कारण जिन किसानों ने फसलें नहीं लगाई है, उन्हें फसल क्षति मानते हुए मुआवजा उपलब्ध कराएं
बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग एवं सभी जिलों के डीएम को आदेश दिया कि राज्य में बाढ़ के कारण हुई क्षति का पंचायतवार सही तरीके से आकलन करें ताकि उसके आधार पर सभी प्रभावितों की मदद की जा सके
कोई भी राहत से वंचित नहीं रह जाए. मुख्यमंत्री ने तीन से चार दिनों में बाढ़ से हुई क्षति का पूरा आकलन सुनिश्चित करने को कहा.
अब देखना है कि पुष्पम प्रिया चौधरी के पत्र से जागी नीतीश सरकार कब तक बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा पहुंचा पाती है.