फर्जी तरीके से जामताड़ा के नाला प्रखंड में तीन लोगों पर विक्लांग पेंशन का लाभ लेने का गंभीर आरोप
जामताड़ा सीएस सी एन सोरेन ने मामले पर लिया संज्ञान
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: नाला प्रखंड अंतर्गत कास्ता पंचायत के कालीपहाड़ी निवासी आलोचना घोष, मानीक घोष और अजय घोष पिछले लगभग चार वर्षों से दिव्यांग पेंशन का लाभ उठा रहे हैं।जो कि फर्जी रूप से योजना का लाभ ले रहे है।उक्त बाते सूत्र के अनुसार बतायी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, किसी ने इस मामले की शिकायत प्रशासन को किया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए डीडीसी के निर्देश पर नाला प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय से इन तीनों को नोटिस भी जारी किया गया।
नोटिस के तहत 6 जून 2025 को दोपहर 12 बजे प्रखंड कार्यालय में अपना पक्ष रखने के लिए तीनों को बुलाया गया था। हालांकि, इस नोटिस को जारी हुए लगभग ढाई महीने का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।गौरतलब है कि इतने संवेदनशील मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई होने में देर नही होना चाहिए कहने से इंकार नही किया जा सकता है।
इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की सख्त जरूरत है। यदि जांच में दोषी पाया जाता है, तो न केवल प्रमाण-पत्र रद्द किए जाने चाहिए, बल्कि संबंधित लोगों पर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।वही इस मामले पर आलोचना घोष, मानीक घोष और अजय घोष अपनी बातों को राष्ट्र संवाद पर रखना चाहते है तो रख सकते है।राष्ट्र संवाद ने इन तीनों से पक्ष जानने के लिए संपर्क साधने की कोशिश किया लेकिन खबर लिखे जाने तक संभव नही हो सका।
फिलहाल, मामला जांच के घेरे में है और पूरे जिले की नजरें इस पर टिकी हैं।इस संबंध में सीवील सर्जन सीएन सोरेन ने कहा कि मामले पर संज्ञान लिया जायेगा।संबंधित विभाग के पदाधिकारी इस मामले पर लिखकर देंगे तो इंक्वायरी कर लिया जायेगा।

