लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मानगो नगर द्वारा आयोजित विजयादशमी उत्सव एवं शस्त्र पूजन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संघ के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित ढंग से भाग लिया और भारत माता के पूजन के साथ पारंपरिक शस्त्र पूजन संपन्न किया। कार्यक्रम का आयोजन शंकोसाई स्थित संघ स्थान पर किया गया था, जहां सुबह से ही स्वयंसेवकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था।
विजयादशमी उत्सव में विधायक सरयू राय की उपस्थिति और संबोधन
विधायक सरयू राय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजयादशमी के पर्व को असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि संघ की शाखाएं समाज में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव जागृत करने का कार्य निरंतर कर रही हैं। विधायक ने स्वयंसेवकों का आह्वान किया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा कार्य करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका निभाएं। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ गई और स्वयंसेवकों में नया उत्साह देखने को मिला।
पथ संचलन और शस्त्र पूजन की परंपरा
कार्यक्रम की शुरुआत शंकोसाई स्थित संघ स्थान से भव्य पथ संचलन के साथ हुई। स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाते हुए अनुशासित तरीके से संचलन करते हुए डिमना चौक पहुंचे। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर खड़े नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और भारत माता की जय के नारे लगाए। डिमना चौक से वापस लौटकर संघ स्थान पर विधिवत भारत माता पूजन एवं शस्त्र पूजन संपन्न हुआ। शस्त्र पूजन संघ की प्राचीन परंपरा है, जो शक्ति उपासना और आत्मरक्षा के संकल्प को दर्शाता है।
बौद्धिक सत्र में राष्ट्र समर्पण पर जोर
पूजन कार्यक्रम के उपरांत मुख्य वक्ता मृत्युंजय मिश्र ने बौद्धिक सत्र में विजयादशमी के महत्व, संघ की परंपराओं और राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि विजयादशमी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि अपने अंदर के रावण रूपी विकारों पर विजय पाने का संकल्प दिवस है। संघ की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज परिवर्तन के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर राधा रमण अग्रवाल, सतीश गुप्ता, विनोद राय एवं तन्मय झा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संघ की सामाजिक भूमिका और भविष्य की दिशा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दशकों से समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। चाहे प्राकृतिक आपदा के समय राहत कार्य हो या फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों में शिक्षा और स्वास्थ्य की अलख जगाना, संघ के स्वयंसेवक सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं। विजयादशमी का यह उत्सव इसी सेवा भाव और संगठन शक्ति का वार्षिक प्रदर्शन है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस पर्व के महत्व को विस्तार से समझाया गया है। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक नगरी में इस तरह के आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान करते हैं।
आयोजन की सफलता में स्थानीय कार्यकर्ताओं का योगदान
मानगो नगर के इस सफल आयोजन के पीछे स्थानीय कार्यकर्ताओं की महीनों की मेहनत छिपी हुई है। शंकोसाई संघ स्थान की साज-सज्जा, पथ संचलन के रूट का चयन, जलपान और बैठक व्यवस्था जैसे हर छोटे-बड़े पहलू पर बारीकी से ध्यान दिया गया था। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित स्वयंसेवकों और नागरिकों को प्रसाद वितरण किया गया। वातावरण भक्तिमय और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत था। विधायक सरयू राय ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन करते रहने की शुभकामनाएं दीं।

