पितकी रेलवे फाटक पर महाजाम, 10–15 घंटे फंसे वाहन — यात्रियों व चालकों की बढ़ी मुश्किलें
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल नीमडीह थाना क्षेत्र स्थित एनएच-32 पर दक्षिण पूर्वी रेलवे के आद्रा मंडल अंतर्गत मुरी डिवीजन के पितकी रेलवे फाटक पर लगातार लग रहे भीषण जाम ने आम यात्रियों और मालवाहक वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। फाटक लंबे समय तक बंद रहने के कारण प्रतिदिन हजारों वाहन घंटों तक सड़क पर फंसे रह रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि वाहन चालकों को 10 से 15 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
जमशेदपुर, रांची, पुरुलिया, धनबाद, बोकारो समेत बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जाने वाले यात्री वाहन, बसें और ट्रक लंबी कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं। जाम में फंसे कई चालक बिना पानी और भोजन के घंटों भूखे-प्यासे इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
तीन रेलवे ट्रैक बना जाम की बड़ी वजह
चांडिल जंक्शन से सटे पितकी रेलवे फाटक पर अप और डाउन समेत तीन रेलवे ट्रैक हैं। इस रूट से टाटा-पुरुलिया-हावड़ा तथा टाटा-रांची-मुरी-दिल्ली रेलखंड की सैकड़ों यात्री और मालगाड़ियां रोज गुजरती हैं। लगातार ट्रेनों की आवाजाही के कारण फाटक बार-बार बंद रहता है, जिससे सड़क पर रघुनाथपुर और चांडिल अनुमंडल की ओर करीब पांच-पांच किलोमीटर लंबी वाहन कतार लग जाती है।
पिछले एक सप्ताह से स्थिति और भयावह हो गई है। लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक और बसें मीलों तक जाम में फंसी हुई हैं। गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में अटक जा रही हैं, जिससे मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।
टोल वसूली जारी, फ्लाईओवर अधूरा
एनएचएआई द्वारा फाटक के समीप टोल टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण अब तक अधूरा पड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में देरी के कारण आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल ट्रैफिक पुलिस की तैनाती करे और फ्लाईओवर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए, तभी जाम से राहत मिल सकेगी।

