लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का नेमरा दौरा
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के पैतृक गाँव नेमरा (रामगढ़) पहुंचकर उनकी पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अत्यंत दु:खद क्षण में माननीय राज्यपाल ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं समस्त शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उनके प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और मुख्यमंत्री एवं उनके परिजनों को इस असीम दु:ख को सहन करने की शक्ति व संबल प्रदान करें।
स्वर्गीय रूपी सोरेन का जीवन और विरासत
स्वर्गीय रूपी सोरेन झारखंड के राजनीतिक इतिहास में एक सम्मानित व्यक्तित्व थीं। वे न केवल मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता थीं, बल्कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की धर्मपत्नी के रूप में भी राज्य की जनता के बीच ‘मां’ के रूप में प्रतिष्ठित थीं। उनका जीवन सादगी, संघर्ष और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है। उन्होंने पति शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर झारखंड अलग राज्य आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। उनके निधन से झारखंड की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।
राज्यपाल का शोक संदेश और संवेदना
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने शोक संदेश में कहा कि रूपी सोरेन जी का निधन पूरे झारखंड राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि एक मां का साया सिर से उठ जाना जीवन की सबसे बड़ी क्षति होती है। राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। राजभवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में भी उनके योगदान को याद किया गया है। अधिक जानकारी के लिए राजभवन झारखंड की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर झारखंड समेत पूरे देश के राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत अनेक वरिष्ठ नेताओं ने ट्वीट और पत्र के माध्यम से अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। झारखंड मंत्रिमंडल के सहयोगियों, विधायकों और सांसदों ने भी नेमरा पहुंचकर या दूरभाष पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से बात कर शोक संवेदना व्यक्त की है।
नेमरा गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां
रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भारी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, स्थानीय ग्रामीण और शुभचिंतक गांव में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन स्वयं सभी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए झारखंड के कोने-कोने से लोगों का पहुंचना जारी है। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का व्यक्तिगत क्षण
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन इस दुखद घड़ी में अपने पैतृक आवास पर परिजनों के साथ मौजूद हैं। वे लगातार आगंतुकों से मिल रहे हैं और सबका आभार व्यक्त कर रहे हैं। राज्यपाल के आगमन के दौरान मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया और उन्हें अपनी माता के व्यक्तित्व और कृतित्व से अवगत कराया। यह क्षण मुख्यमंत्री के लिए अत्यंत भावुक रहा, जब राज्यपाल ने उनके कंधे पर हाथ रखकर ढांढस बंधाया। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसे लोग संवैधानिक मर्यादा और मानवीय संवेदना का अद्भुत संगम बता रहे हैं।
झारखंड की जनता की श्रद्धांजलि
झारखंड की जनता अपनी प्रिय ‘मां रूपी’ को अंतिम विदाई देने के लिए व्याकुल है। सोशल मीडिया पर #RupiSoren, #JharkhandMourns जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। आम जनमानस से लेकर खास लोग तक उनके सरल स्वभाव और मिलनसारिता को याद कर रहे हैं। ग्रामीण महिलाएं विशेष रूप से उनके निधन से मर्माहत हैं, क्योंकि रूपी सोरेन ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा के लिए हमेशा मुखर रहती थीं। उनका जाना झारखंड की माटी के लिए एक बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखती।

