Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश: कोरोना से मौत के मुआवजे का दावा करने की समय सीमा 60 दिन
    Breaking News Headlines

    सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश: कोरोना से मौत के मुआवजे का दावा करने की समय सीमा 60 दिन

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 24, 2022No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कोरोनावायरस से जुड़ी मौत का मुआवजा पाने के लिए किए जाने वाले झूठे दावे दाखिल करने के मामले पर बड़ा फैसला सुनाया है. शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को कोरोना से मौत का मुआवजा पाने के लिए झूठे दावे दाखिल किए जाने के आरोपों की जांच की इजाजत दी है. इसके तहत आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल में दाखिल हुए पांच फीसदी दावों की समीक्षा की जाएगी. अदालत ने 28 मार्च तक कोरोना से होने वाली मौत के मुआवजे का दावा करने समय सीमा 60 दिन तय की है. वहीं, भविष्य में होने वाली मौत का मुआवजा पाने के लिए दावा 90 दिन के भीतर ही करना होगा.

    इससे पहले, सोमवार को भी सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई. इस दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि कोविड-19 की वजह से हुई मौत के मामले में प्राधिकारियों से मुआवजे का भुगतान का दावा करने के लिए केंद्र द्वारा चार हफ्तों की समयसीमा देना पर्याप्त नहीं है. अदालत ने कहा कि इस दौरान तक मृतक के परिवार अपने परिजन को खोने की वजह से व्यथित होंगे. ऐसे में उनके लिए आवेदन करना मुश्किल होगा. दरअसल, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस बी वी नागरत्न की पीठ ने संकेत दिया था कि ऐसे सभी लोगों को 60 दिन का समय दिया जाएगा जो निर्धारित तिथि पर मुआवजे के लिए आवेदन देने के योग्य हैं और भविष्य के दावाकर्ताओं को 60 दिनों का वक्त दिया जाएगा.
    सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, ‘यह (चार हफ्ते) शायद उचित समय सीमा नहीं है, क्योंकि संबंधित परिवार पीड़ा में होंगे और चार हफ्ते का समय शायद सही वक्त नहीं है. अगर कोई मौत होती है तो परिवार को उस दुख से उबरने में वक्त लगेगा और फिर वह दावा जताएगा.’ शीर्ष अदालत ने ये भी कहा था कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को कोविड-19 से मौत के लिए मुआवजे के फर्जी दावों का पता लगाना चाहिए क्योंकि उसे आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के तहत शक्तियां दी गई हैं. फर्जी दावों को वेरिफाई के लिए सर्वे के नमूने देने का अनुरोध करने वाली केंद्र की अर्जी के संबंध में पीठ ने कहा कि यह दो-तीन राज्यों पर केंद्रित हो सकता है, जहां मौत के पंजीकरण और दावों में भिन्नता है.

    दरअसल, केंद्र ने एक अर्जी दायर कर कोविड-19 के कारण हुई मौत पर प्राधिकारियों से मुआवजे का भुगतान करने का दावा करने के लिए चार हफ्ते की समयसीमा तय करने का अनुरोध किया था. इस पर ही आज फैसला सुनाया गया है. अदालत ने कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के सदस्यों को मिलने वाली 50,000 रुपये के मुआवजा पाने के लिए झूठे दावों पर चिंता जताई थी. इसने कहा था कि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है और उसे लगता था कि नैतिकता का स्तर इतना नीचे नहीं गिर सकता.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleदिल्ली में अब संभल कर करें ड्राइव, एक अप्रैल से नियम तोड़ने पर दस हजार जुर्माना और जेल भी
    Next Article महेंद्र सिंह धोनी ने छोड़ी CSK की कप्तानी, रवींद्र जडेजा को सौंपी टीम की कमान

    Related Posts

    महुआ पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में सनसनी

    June 9, 2026

    चांडिल में बड़ा हादसा: स्वर्णरेखा नदी में डूबा जमशेदपुर का युवक, तलाश जारी

    June 9, 2026

    ब्रह्मर्षि विकास मंच केबुल इकाई की बैठक संपन्न, संगठन विस्तार

    June 9, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    महुआ पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में सनसनी

    चांडिल में बड़ा हादसा: स्वर्णरेखा नदी में डूबा जमशेदपुर का युवक, तलाश जारी

    ब्रह्मर्षि विकास मंच केबुल इकाई की बैठक संपन्न, संगठन विस्तार

    सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे आज जमशेदपुर में, प्रबुद्धजन सम्मेलन को करेंगे संबोधित

    कीली से जुड़ी जिंदगी की सच्चाई

    दिल्ली में ममता बनर्जी की तन्हाई: टीएमसी में बदलाव?

    सृजन के 25 वर्ष: अनूप और शुभ्रा की कलात्मक यात्रा

    राजस्थान में मानव तस्करी: बच्चियों को लीज पर देने का सच

    ‘राष्ट्र संवाद’ खबर का असर: यूसीआईएल में फेरबदल शुरू!

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.