जनसमस्याओं के समाधान में जनप्रतिनिधि और प्रशासन का समन्वय जरूरी: मुख्यमंत्री
राष्ट्र संवाद संवाददाता
76 दिवसीय वार्ड प्रवास एवं स्वच्छता अभियान की सराहना, स्वच्छता मित्रों के योगदान को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद एवं बेहतर समन्वय आवश्यक है। केवल शिकायत करने के बजाय समस्याओं के समाधान के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। वार्ड प्रवास अभियान इसका उदाहरण है कि निरंतर जनसंपर्क और विभिन्न विभागों के आपसी सहयोग से स्थानीय समस्याओं का समाधान कर जनकल्याण को बढ़ावा दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति से प्राप्त संसाधनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है। केवल कंक्रीट के भवन खड़े करने से स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित नहीं हो सकता। इसके लिए वृक्षारोपण, स्वच्छता, सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और नागरिकों में जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने प्रयागराज महाकुम्भ-2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। इतने विशाल आयोजन को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। काशी की गलियों से लेकर महाकुम्भ तक स्वच्छता मित्रों ने दिन-रात परिश्रम किया। वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में 76 दिवसीय अभियान में शामिल स्वच्छता मित्रों को सम्मानित करने की पहल सराहनीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में माफियाराज के प्रभाव को समाप्त कर गरीबों, वंचितों और दलितों के हितों की रक्षा की जा रही है। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कराया जाएगा।
विधायक डॉ. नीलकण्ठ तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में लगातार चौथे वर्ष वार्ड प्रवास एवं स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस वर्ष 76 दिवसीय अभियान 19 जुलाई से शुरू होकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती तक संचालित हुआ।
कार्यक्रम में आयुष राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी सहित विधायक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

