यूसिल भाटी न माइंस में ठेका कंपनी पर मजदूर शोषण के आरोप, आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसिल भाटी न माइंस में कार्यरत ठेका कंपनी एमएफबी जियो टेक की कार्यशैली को लेकर भाटी न पंचायत के मुखिया श्री राम सोरेन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ठेका कंपनी द्वारा मजदूरों का लगातार शोषण किया जा रहा है, जिससे मजदूरों में भारी आक्रोश है।
मुखिया श्री सोरेन ने बताया कि बीते दो वर्षों से मजदूरों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा, जिसके कारण उन्हें अब तक 10 से अधिक बार हड़ताल करनी पड़ी है। बोनस एवं वोकेशनल ट्रेनिंग की राशि के भुगतान के लिए भी मजदूरों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर वोकेशनल ट्रेनिंग का भुगतान नहीं किया गया, तो वे मजदूरों के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि दो सालों में ठेका कंपनी द्वारा मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। कुशल (स्किल) मजदूरों को भी अकुशल (अनस्किल) मजदूरों का वेतन दिया जा रहा है। वहीं बाहरी मजदूरों की मजदूरी में हर वर्ष बढ़ोतरी की जाती है, लेकिन स्थानीय मजदूरों की उपेक्षा की जा रही है।
मुखिया ने यह भी कहा कि माइंस में पिछले दो वर्षों से कैंटीन की कोई व्यवस्था नहीं है। ठेका कंपनी द्वारा आसपास के क्षेत्र में सीएसआर के तहत कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। मजदूरों को मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इस संबंध में कई बार यूसिल प्रबंधन को पत्र दिया गया, लेकिन अधिकारियों और ठेका कंपनी की कथित मिलीभगत के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने यूसिल प्रबंधन पर लीज नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। कहा कि खनन के लिए लीज यूसिल को दी गई थी, लेकिन कार्य ठेका कंपनी को सौंप दिया गया, जिसका विरोध किया जाएगा।
माइंस में मजदूरों से ओवरटाइम काम तो कराया जाता है, लेकिन नियमानुसार दुगना भुगतान नहीं किया जाता। सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण कई बार मजदूर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। ब्लास्टर की भारी कमी है और बिना प्रशिक्षण के मजदूरों से ब्लास्टिंग कराई जा रही है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
वेतन भुगतान की मांग को लेकर मजदूरों ने सोमवार को 24 घंटे की हड़ताल की थी, जिसके बाद मंगलवार सुबह काम शुरू हुआ। इस माइंस में करीब 250 ठेका मजदूर कार्यरत हैं। साथ ही सेवानिवृत्ति आयु पार कर चुके मजदूरों को हटाने की मांग भी उठाई गई है। मजदूरों के विरोध के बाद दो पूर्व कर्मियों को हटाया गया है, लेकिन अब भी 10 कर्मी कार्यरत बताए जा रहे हैं।
मुखिया श्री राम सोरेन ने यह भी आरोप लगाया कि यहां 15 वर्षों से एक ही मैकेनिकल अधिकारी एस.के. सिंह पदस्थापित हैं, जिसकी भी जांच की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।


