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    Home » मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन संताल इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के 30 वें दीक्षांत समारोह- सह -वार्षिक आमसभा में ऑनलाइन शामिल हुए
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    मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन संताल इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के 30 वें दीक्षांत समारोह- सह -वार्षिक आमसभा में ऑनलाइन शामिल हुए

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 26, 2021No Comments3 Mins Read
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    मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन संताल इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के 30 वें दीक्षांत समारोह- सह -वार्षिक आमसभा में ऑनलाइन शामिल हुए

    ◆ *’सोशल रीइंजीनियरिंग थ्रू रूरल एंटरप्रेन्योरशिप” पर आयोजित ऑनलाइन नेशनल कॉन्फ्रेंस को मुख्यमंत्री ने संबोधित किया*
    ======================
    मुख्यमंत्री ने कहा- विज्ञान और तकनीक में नित्य हो रहे बदलाव का जनजातीय समुदाय पर पड़ने वाले असर का मूल्यांकन जरूरी हो

    आदिवासी समुदाय की नई पीढ़ी को हुनरमंद और तकनीक विशेषज्ञ बनाना है

    ● ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना कर राज्य को सशक्त बना सकते हैं: हेमन्त सोरेन मुख्यमंत्री , झारखंड

    विज्ञान और तकनीक का यह युग है। नित्य नए बदलाव हो रहे हैं । दुनिया इन परिवर्तनों के जरिए तेजी से आगे बढ़ रही है । लेकिन, जनजातीय समाज पर इसका कितना प्रभाव पड़ रहा है , इसका मूल्यांकन जरूरी है । मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज संताल इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के 30 वें दीक्षांत समारोह- सह -वार्षिक आमसभा में “सोशल री – इंजीनियरिंग थ्रू रूरल एंटरप्रेन्योरशिप” पर आयोजित ऑनलाइन नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इन बदलावों का जनजातीय समाज पर सकारात्मक असर हो। उनके अस्तित्व के लिए खतरा नहीं बने। इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ।

    जनजातीय समाज की परंपराओं को बनाए रखने के साथ विकास को प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की सदियों से चली आ रही परंपरा, भाषा, संस्कृति और सभ्यता को अक्षुण्ण बनाए रखने के साथ विकास के पथ पर आगे ले जाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों में व्याप्त गरीबी और बेरोजगारी को दूर करने के साथ उनके शिक्षा एवं स्वास्थ्य तथा अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए कई कार्यक्रम और योजनाएं चलाई जा रही है । जरूरत इस बात की है कि इन योजनाओं का उन्हें पूरा लाभ मिले । इस दिशा में सरकार लगातार प्रयत्नशील है।

    देश का पहला ट्राइबल यूनिवर्सिटी में झारखंड में

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोलने का निर्णय लिया गया है । इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी खोलने की भी योजना है । उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में केजी से लेकर पीजी तक जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई सुनिश्चित की जा रही है । विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए जनजातीय विद्यार्थियों को शत प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है । वही, स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत सब्सिडी आधारित 25 लाख रुपए दिए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की नई पीढ़ी को हुनरमंद और तकनीकी विशेषज्ञ बनाने की नितांत जरूरत है।

    ग्रामीण व्यवस्था को बनाए रखने की जरूरत है

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तेजी से शहरीकरण हो रहा है। स्मार्ट सिटी बनाए जा रहे हैं । लेकिन, झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में स्मार्ट विलेज बनाने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि रूरल एंटरप्रेन्योरशिप के लिए भी सरकार कई योजनाएं बनाई है । पशुधन विकास योजना और फूलो झानो आशीर्वाद योजना के के मार्फत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है । उन्होंने कहा कि गांव और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना कर राज्य को सशक्त बना सकते हैं ।

    रांची में करें कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री ने संथालों के हित में संताल इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा किए गए कार्यों की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा हर वर्ष वार्षिक आमसभा और कांफ्रेंस का आयोजन किया जाता है । आप रांची में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करें । इसके लिए प्लेटफार्म सरकार देगी । इससे देश- दुनिया में यह संदेश जाएगा कि जनजातीय समाज इन बदलावों के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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