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    Home » कोरोना मरीजों की चिकित्सा में निजी अस्पतालों की भूमिका चिंताजनक – अनिल ठाकुर
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    कोरोना मरीजों की चिकित्सा में निजी अस्पतालों की भूमिका चिंताजनक – अनिल ठाकुर

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 18, 2020Updated:August 18, 2020No Comments2 Mins Read
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    कोरोना मरीजों की चिकित्सा में निजी अस्पतालों की भूमिका चिंताजनक – अनिल ठाकुर
    जमशेदपुर :- कोरोना संक्रमण से निपटने में शहर के निजी अस्पतालों की भूमिका बेहद चिंताजनक है टाटा मोटर्स हो अथवा टीएमएस दोनों में व्यवस्था के नाम पर भारी कमी है मरीजों को न समय पर दवा मिलता है न खान-पान का समुचित इंतजाम है और ना बेहतर रखरखाव है. इलाजरत कोरोना मरीजों पर ध्यान भी नहीं दिया जाता. यह कहना है ब्रह्मर्षि विकास मंच जमशेदपुर के महासचिव अनिल ठाकुर का. अनिल ठाकुर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया की निजी अस्पताल टाटा मोटर्स द्वारा खरंगाझार स्थित टाटा मोटर्स प्लाजा (परिवार कल्याण संस्थान) प्लाजा के पास बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में भारी अव्यवस्था है मरीजों को समय पर गर्म खाना तक नहीं दिया जाता ना गर्म पानी दिया जाता है. दो टाइम नर्से आती है और फिर चली जाती हैं बाद में कोई पूछने वाला भी नहीं रहता कमोबेश यही स्थिति टीएमएच की भी है उन्होंने बताया कि मरीजों का उचित देखभाल नहीं किया जा रहा है अधिकांश मरीज कोरोना के प्रभाव में आकर अव्यवस्था का शिकार है उन्होंने बताया बेड की समुचित व्यवस्था नहीं है ना तो रोज चादर बदले जाते हैं सफाई की भी समुचित व्यवस्था नहीं है समय पर दवा वगैरा भी नहीं दिए जाते हैं ऐसे में इन निजी अस्पतालों से बेहतर इलाज की अपेक्षा करना व्यर्थ है उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है की क्वारंटाइन सेंटरों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए और व्यवस्था में सुधार किया जाय.

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