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    Home » जिले के विभिन्न समस्याओं को लेकर भाजपा का हल्ला बोल, उपायुक्त से मिलकर सौंपा ज्ञापन
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    जिले के विभिन्न समस्याओं को लेकर भाजपा का हल्ला बोल, उपायुक्त से मिलकर सौंपा ज्ञापन

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 18, 2021No Comments8 Mins Read
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    जिले के विभिन्न समस्याओं को लेकर भाजपा का हल्ला बोल, उपायुक्त से मिलकर सौंपा ज्ञापन

    ■ ‘आहार’ पत्रिका प्रकाशन में बड़े पैमाने पर हुआ घोटाला, तत्कालीन मंत्री सरयु राय की भूमिका पर भाजपा ने की जांच की मांग।

    जमशेदपुर। बढ़ते भ्रष्टाचार, ठप्प विकास कार्य, जिले में पीएम आवास योजना के काम बंद होने, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, बदहाल विधि व्यवस्था, पेयजल संकट, अनियमित बिजली आपूर्ति जैसी जनहित से जुड़े गंभीर समस्याओं पर भाजपा जमशेदपुर महानगर ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। गुरुवार को जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आम बागान से जिला उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी का ध्वज एवं तख्ती लिए जिले में गिरती कानून व्यवस्था एवं बढ़ते भ्रष्टाचार पर विरोध दर्ज कराया। जिलाध्यक्ष गुंजन यादव के नेतृत्व में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त को शहर की ज्वलंत समास्याओं पर ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की। ज्ञापन में बताया कि राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार (रघुवर सरकार) द्वारा प्रारंभ की गयी जनहित की योजनाओं को बंद करना जन कल्याण के खिलाफ है। वहीं, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र अंतर्गत बिरसानगर एवं बागुनहातु में प्रधानमंत्री आवास योजना ( शहरी) के तहत स्थानीय निवासियों से बड़ी संख्या में आवेदन आमंत्रित किये गये थे इसके लिए आवेदकों से निर्धारित राशि की भुगतान ली गयी है। महीनों बीत जाने के बाद अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। भाजपा ने पूछा कि व्यापक जनहित की इस योजना को किन परिस्थितियों में स्थगित कर दिया गया है तथा कब तक परियोजना के इच्छुक लाभुकों को इसका लाभ मिल पाएगी। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है। इसका दुष्परिणाम शहर की युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। ऐसे नशीले पदार्थों की बिक्री पर भाजपा ने अबिलंब रोक लगाने की मांग की है। जमशेदपुर के खासमहल की भूमि का अतिक्रमण धड़ल्ले से हो रहा है। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। कदमा स्थित शिव मंदिर के बगल में इमामवाड़ा निर्माण के लिए जमीन आवंटन कर शहर के भाईचारा एवं सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, इस पर रोक लगायी जाय। मोहरदा एवं बागबेड़ा जलापूर्ति योजना में आये व्यवधान को शीघ्र खत्म कर जलापूर्ति बहाल की जाए। बागबेड़ा जलापूर्ति योजना के निर्माण के सिलसिले में परसुडीह क्षेत्र तक क्षतिग्रस्त हुई सड़क का मरम्मत, मानगो क्षेत्र में सड़क जाम से होने वाली यातायात की समस्या का समाधान एवं गोविंदपुर कोरिडोर का निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ करने की मांग की गई है।

    प्रतिनिधि मंडल में ये रहे शामिल: प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कल्याणी शरण, पूर्व जिलाध्यक्ष अभय सिंह, देवेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव, जिला महामंत्री राकेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष संजीव सिन्हा, बबुआ सिंह।

    इसके अतिरिक्त भाजपा जमशेदपुर महानगर ने जिला उपायुक्त से मुलाकात कर तत्कालीन मंत्री सरयु राय पर खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले की पत्रिका ‘आहार’ के प्रकाशन में बड़े सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाया। इस संबंध में पार्टी ने मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि :-
    झारखंड सरकार की वित्तीय एवं कार्यपालिका नियमावली के तहत 1,50,000/- से अधिक की राशि होने पर किसी कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया आवश्यक है। ‘आहार’ पत्रिका (खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले के विभाग की प्रत्रिका) के प्रकाशन में इस नियम का घोर उल्लंघन किया गया है। विशेष परिस्थिति में यदि किसी को नामित किया जाता है तो वित्तीय नियमावली के नियम 235 को शिथिल करने के लिए 245 का सहारा लेना पड़ता है। इसमें कैबिनेट और वित्त विभाग समेत अन्य विभागों की भी सहमति जरूरी है। यह पूरी तरह से वित्तीय गबन का मामला है, इसमें ना तो कैबिनेट से और ना ही वित्त विभाग से सहमति ली गयी है। ‘आहार’ पत्रिका के प्रकाशन मुद्रण और वितरण में करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि का योजनाबद्ध तरीके से गबन व लूट की गई, जो विभागीय मंत्री के सहमति के बिना संभव नहीं था उल्लेखनीय है कि राज्य में संचालित योजनाओं की प्रगति व जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा मासिक पत्रिका का प्रकाशन किया जाता है, जिसमें सभी विभागों की जानकारियां प्रकाशित होती रही है। इसके बावजूद खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा अपनी विभागीय योजना के प्रचार-प्रसार के लिए नियमों को ताक पर रखते हुए पत्रिका छपवाई गई। ‘आहार’ पत्रिका के प्रकाशन का निर्णय करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि की लूट की मंशा से लिया गया

    पत्रिका के प्रिंटर का चयन नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया केवल वार्तालाप के आधार पर प्रिंटर का चयन पूरी मिलीभगत का परिणाम है। पत्रिका में विभाग की योजनाओं की जानकारी से ज्यादा विभागीय मंत्री का गुणगान किया गया है, जबकि कोई भी पत्रिका सरकार द्वारा सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से छपवाया जाता है।

    पत्रिका के अनियमित वितरण की खबरें अखबार में छपने पर विभाग द्वारा खानापूर्ति के लिए जांच की गई। जांच में भी अनियमितता के प्रमाण मिले परंतु प्रिंटर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि उनका नियमित भुगतान किया जाता रहा और अगले साल फिर से अवधि विस्तार कर दिया गया। पूरा मामला इस प्रकार है

    1. बिना टेंडर विभागीय मंत्री द्वारा विशेषज्ञ कार्यकारी संपादक के लिए नामित आनंद कुमार दूरभाष वार्ता के आधार पर झारखंड प्रिंटर्स को प्रतिमाह 261793/- मासिक प्रकाशन से और वितरण कार्य के लिए भुगतान कर दिया गया।

    2. बाद में नाटकीय रूप से कार्य मिलने के तीन वर्ष के बाद टेंडर के माध्यम से अप्रैल 2018 से 1 वर्ष के लिए पत्रिका के मुद्रण, प्रकाशन और वितरण का कार्य झारखंड प्रिंटर्स को मिला।

    3. टेंडर में भाग लेने वाली अन्य कंपनियों के पास झारखंड में तथा राज्य सरकार के लिए कार्य करने का काफी ज्यादा अनुभव था जबकि ‘आहार’ पत्रिका प्रकाशन प्राप्त करने वाली कंपनी झारखंड प्रिंटर्स को मात्र 3 वर्ष के अनुभव के आधार पर काम दे दिया गया। उक्त कार्य अनियमित रूप से किया गया।

    4. टेंडर में झारखंड प्रिंटर्स ने ‘युगांतर प्रकृति’ नामक एक पत्रिका के प्रकाशन का अनुभव दिखाया था। यह पत्रिका प्रति माह 5000 प्रतियां छपती थी। इसमें कंपनी ने दिसंबर 2015 से पत्रिका के प्रकाशन होने का दावा किया जबकि पत्रिका का लोकार्पण जून 2016 में किया गया। 5. ‘युगांतर प्रकृति’ पत्रिका का मुख्य संरक्षक सरयू राय थे, जो ‘आहार’ पत्रिका छपवाने वाले विभाग के मंत्री थे तथा संपादक आनंद कुमार थे, जो ‘आहार’ पत्रिका के कार्यकारी संपादक के रूप में मंत्री द्वारा नामित किए गए थे, जो मंत्री के निजी सहायक (वाह्य कोटा) भी थे।

    6. ‘युगांतर प्रकृति’ पत्रिका की केवल 5000 प्रति का ही प्रकाशन होता था इसका वितरण केवल संस्था के कार्यालय में किया जाता था, जबकि ‘आहार’ पत्रिका प्रतिमाह 2, 61,793 प्रति का मुद्रण, प्रकाशन व वितरण किए जाने का कार्य था एवं वितरण सरकार के विभिन्न कार्यालयों तथा सभी जिला के प्रखंड आपूर्ति कार्यालय एवं डीलरों को किया जाना था।

    7. 10 अगस्त 2018 को दैनिक पत्र ‘प्रभात खबर’ में ‘आहार’ पत्रिका के सभी डीलरों तक नहीं पहुंचने की खबर प्रकाशित हुई। इस पर विभाग द्वारा सभी जिला आपूर्ति व बावा कंप्यूटर से सात दिनों में रिपोर्ट मंगवाई गई।

    8. 15 सितंबर 2018 को बाबा कंप्यूटर्स के द्वारा दूरभाष पर बातचीत के आधार पर बताया गया कि 298 डीलरों से बातचीत की गई है, इसमें से 115 डीलरों ने पत्रिका के नियमित रूप से मिलने तथा 183 डीलरों ने नियमित रूप से नहीं मिलने की बात कही गई। कई डीलरों को फरवरी-मार्च के बाद से पत्रिका नहीं मिली थी। जबकि झारखंड प्रिंटर्स द्वारा नियमित आपूर्ति की रिपोर्ट दी जाती रही और इसके एवज में राशि का भुगतान किया जाता रहा।

    9. इसके बाद भी विभाग द्वारा प्रतिमाह रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया, लेकिन फिर भी सभी स्थानों से नियमित रिपोर्ट नहीं आयी। 10. सभी डीलरों तक नियमित पत्रिका नहीं पहुंचने के बावजूद झारखंड प्रिंटर्स से कार्य लिया जाता रहा। उसे अवधि विस्तार भी दिया गया ।

    उक्त विषय से संबंधित अन्य कथन/प्रमाण मौखिक साक्ष्य समय पर प्रस्तुत किया जाएगा।

    भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्यहित / लोकहित में ‘आहार’ पत्रिका के मुद्रण, प्रकाशन व वितरण का कार्य प्राप्त करने वाले झारखंड प्रिंटर्स को अनियमित रूप से दिए गए कार्य की जांच कर विधायक सरयू राय एवं संबंधित कर्मचारी / पदाधिकारी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए भारतीय दंड विधान की सुसंगत धाराओं की तहत एवं अन्य विधि-विधान की सुसंगत धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है।

    इस दौरान चंद्रशेखर मिश्रा, गुरुदेव सिंह राजा, हलदर नारायण साह, संजीव सिन्हा, प्रदीप महतो, सुधांशु ओझा, बबुआ सिंह, अनिल मोदी, राकेश सिंह, जितेंद्र राय, मंजीत सिंह, पुष्पा तिर्की, पप्पू सिंह, राजीव सिंह, बोलटू सरकार, नारायण पोद्दार, कौस्तव रॉय, मणि मोहन्ती, बिनोद सिंह, ज्ञान प्रकाश, चितरंजन वर्मा, विकास सिंह, राजपति देवी, ध्रुव मिश्रा, पवन सिंह, बजरंगी पांडेय, प्रशांत पोद्दार, राजेश सिंह, बिनोद राय, संतोष ठाकुर, दीपक पारीख, संदीप शर्मा, अमित अग्रवाल, ज्योति अधिकारी, धर्मेंद्र प्रसाद, बीनानंद सिरका, अजीत कालिंदी, मोहम्मद निसार, अमरजीत सिंह राजा, सुमित शर्मा, अभिमन्यु सिंह, कुमार अभिषेक सहित, श्वेता कुशवाहा समेत सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

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