लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के बागबेड़ा कॉलोनी में पिछले दो सप्ताह से ठप पड़े बागबेड़ा कॉलोनी में कचरा उठाव की सेवा शुक्रवार से फिर से नियमित होने जा रही है। इस बहुप्रतीक्षित राहत की खबर तब आई जब पंचायत समिति सदस्यों और स्थानीय नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुमित प्रकाश से मुलाकात कर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। बीडीओ ने आश्वासन दिया कि सभी बाधाओं को दूर कर दिया गया है और शुक्रवार से घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा।
बागबेड़ा कॉलोनी में कचरा उठाव: समस्या की जड़ और प्रशासनिक हस्तक्षेप
बीडीओ सुमित प्रकाश ने बैठक के दौरान बताया कि बागबेड़ा कॉलोनी में कचरा उठाव बाधित होने के पीछे चार प्रमुख कारण थे। पहला, कचरा ढोने वाले वाहन में तकनीकी खराबी आ गई थी। दूसरा, सुपरवाइजर के अचानक इस्तीफा दे देने से निगरानी का अभाव हो गया। तीसरा, वाहनों के संचालन के लिए आवश्यक सीएनजी की भारी किल्लत थी। और चौथा, उपभोक्ताओं द्वारा कचरा शुल्क की नियमित वसूली नहीं होने से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था।
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी है। वाहन की मरम्मत का कार्य भी अंतिम चरण में है। बीडीओ ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित एजेंसी और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि समय सारणी के अनुसार हर घर से कचरा उठाया जाए। इस पहल से कॉलोनी के हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जो गंदगी और बदबू से परेशान थे।
स्थानीय समिति गठन और सुपरवाइजर नियुक्ति पर बनी सहमति
बैठक में पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, झरना मिश्रा और अनिल सिंह ने व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सुचारू रखने के लिए दो अहम प्रस्ताव रखे। पहला, निगरानी के लिए एक स्थानीय निगरानी कमेटी का गठन किया जाए जिसमें वार्ड सदस्यों और जागरूक नागरिकों को शामिल किया जाए। दूसरा, सुपरवाइजर की जिम्मेदारी किसी स्थानीय व्यक्ति को दी जाए जो क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और गलियों से भलीभांति परिचित हो।
बीडीओ सुमित प्रकाश ने दोनों प्रस्तावों पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए कहा कि स्थानीय भागीदारी से पारदर्शिता आएगी और शिकायतों का त्वरित निपटारा संभव होगा। उन्होंने कहा कि नई कमेटी का गठन अगले सप्ताह तक कर लिया जाएगा। बैठक में श्रवण मिश्रा, सोनू पंडित, सीनू राव, सुनील सिन्हा, नेहा श्रीवास्तव, आकाश मिश्रा सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।
नागरिकों की जिम्मेदारी: शुल्क भुगतान और स्वच्छता में सहयोग
बीडीओ ने स्पष्ट किया कि केवल प्रशासनिक प्रयास काफी नहीं हैं। कचरा उठाव सेवा को स्थायी बनाए रखने के लिए नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने वार्ड और मोहल्ले में जागरूकता अभियान चलाकर कचरा शुल्क का नियमित भुगतान सुनिश्चित कराएं। शुल्क वसूली में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए डिजिटल भुगतान विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी को आधार बताते हुए बीडीओ ने कहा कि कचरे का स्रोत पर पृथक्करण (गीला-सूखा अलग करना) संग्रहण दल की कार्यकुशलता बढ़ाएगा। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए आप स्वच्छ भारत मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। प्रशासन जल्द ही कॉलोनी में जागरूकता शिविर भी लगाएगा।
कुल मिलाकर, लंबे इंतजार के बाद बागबेड़ा कॉलोनी के निवासियों के लिए यह राहत भरी खबर है। शुक्रवार से नियमित सेवा बहाली के साथ ही स्थानीय निगरानी तंत्र और सुपरवाइजर की नियुक्ति व्यवस्था को मजबूती देगी। अब देखना होगा कि यह व्यवस्था धरातल पर कितनी प्रभावी साबित होती है और नागरिक अपनी जिम्मेदारी कितनी ईमानदारी से निभाते हैं।

