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    Home » हिंदी मात्र एक भाषा नही, अपितु भारतीय संस्कृति की प्रतीक है: दिनेश कुमार
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    हिंदी मात्र एक भाषा नही, अपितु भारतीय संस्कृति की प्रतीक है: दिनेश कुमार

    News DeskBy News DeskSeptember 15, 2022No Comments2 Mins Read
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    हिंदी मात्र एक भाषा नही, अपितु भारतीय संस्कृति की प्रतीक है_ दिनेश कुमार

    सी पी समिति मध्य विद्यालय ने हिंदी दिवस पर बच्चों के बीच कार्यक्रम का किया आयोजन।

    हिंदी दिवस के अवसर पर सी पी समिति मध्य विद्यालय केबुल बस्ती के द्वारा विद्यालय सभागार में हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम की शुरुवात मां सरस्वती के समक्ष अतिथियों एवं शिक्षको द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया, कार्यक्रम में मुख्यरूप से विद्यालय समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार और विद्यालय महासचिव परमानंद कौशल उपस्थित थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी

    प्रधानाध्यापक अमित कुमार सिंह ने किया और संचालन शिक्षक गुरुपदो गोप और सुमन सिंह ने किया, हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों ने हिंदी दिवस पर हिंदी की विशेषता से अवगत कराया साथ ही हिंदी साहित्यकार और लेखकों के जीवन और उनके लेख पर प्रकाश डाला, बच्चों ने कविता और वागिमता के मध्यम से हिंदी की वर्तमान जीवन में महत्व को भी बताने का कार्य किया।

    अपने संबोधन में विद्यालय के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहां की हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, अपितु भारतीय संस्कृति की प्रतीक भी है। भारतीय संस्कारों, जीवन मूल्यों व आदर्शों की प्रबल संवाहक है। उन्होंने कहां की हिंदी साहित्य का सम्मान करने और हिंदी भाषा के प्रति सम्मान दिखाने के लिए इस दिन देश भर में कई सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किए जाते हैं.

    हिंदी दिवस पर, मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और नागरिकों को हिंदी भाषा में उनके योगदान के लिए राजभाषा कीर्ति और राजभाषा गौरव जैसे पुरस्कार भी दिए जाते हैं। कार्यक्रम को महासचिव परमानंद कौशल और अंग्रेजी विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यपिका संगीता श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया, धन्यवाद ज्ञापन अमित सिंह ने दिया।

    कार्यक्रम में मुख्य रूप से नागाश्री सामद, त्रिलोचन कौर, अर्चना सिंह, सीमा, कौशिक दत्ता, संगीता मेरी सुरेन, अनुसुइया कुमारी, रेखा कुमारी, हीरादास मानिकपुरी, चांद सिंह, निधि गुप्ता,तारकेश्वरी देवी, गुरुपदो गोप, सुमन सिंह, नीलम शर्मा आदि उपस्थित थे।

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