
आलोक वर्मा की रिपोर्ट
नवादा : वार्ड समिति मट्टी के धोंधा मूड़ थोपा सरपंच हको , है मुखिया जी तो मुखिया नय, कलयुग के रावण कंस हको … कवि ओंकार शर्मा कश्यप ने अपनी व्यंग की यह पंक्तियां तो तालियां गूंज उठी. मौका था सदर प्रखंड के कादिरगंज स्थित रानीहट्टी काली मंदिर परिसर में चौखट संस्था द्वारा आयोजित भव्य मगध काव्य सम्मेलन का. चौखट संस्था के सचिव व बॉलीवुड अभिनेता सागर इंडिया की देखरेख में आयोजित इस कवि सम्मेलन के कार्यक्रम व्यवस्थापक तनिक सिंह थे. जबकि कार्यक्रम अध्यक्ष दिनेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक सावन कुमार कार्यक्रम प्रचारक राहुल सिंह व अतिथि स्वागत व्यवस्था विजय नोनिया का था. नवादा पूर्वी की जिला परिषद सदस्य वीणा देवी समेत मगध विश्वविद्यालय के मगही के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ.भरत सिंह, वरिष्ठ कवि दीनबंधु और नरेद्र सिंह तथा वीणा मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया. सरस्वती वंदना, स्वागत गान और संबोधन आदि के बाद कवि सम्मेलन का सत्र शुरू हुआ. कवि ओमकार कश्यप के संचालन में
समसामयिक अशआर और गजलों के साथ अशोक समदर्शी ने कवि सम्मेलन का आरंभ किया जबकि उनके बाद पटना से आए मुकेश कुमार ओझा ने कुछ शेर और राम रमैया गान के साथ समां बांध दिया. कवि नरेंद्र सिंह ने बिहारिया गीत गाकर खूब रंग जमाया जबकि जोगीरा गा कर पूरी महफिल को ही झूमा डाला. रोहतास से पहुंची सिमरन राज ने रूमानी शेर-ओ-शायरी के अलावा रिश्तों पर काव्यात्मक प्रस्तुति देकर प्रशंसा पाई. व्यंग्यकार उदय भारती ने दो व्यंग्य कविताओं के साथ पर्यावरण संरक्षण और नवसंस्कृति पर सार्थक संदेश दे कर खूब तालियां बटोरी जबकि कवि-गीतकार राजेश मंझवेकर ने गांव की संस्कृति से सभी को जोड़ा और फिर बसंत गीत से सबको खूब आनंदित किया.
अभिनेता सागर इंडिया के व्यंग कविता भूखले ससुरारिया में सुतलै कै दमदा के ससोईया.. ने सभी को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया ओज के कवि ओंकार कश्यप ने शानदार मंच संचालन करते हुए प्रेम, बसंत और युद्ध आदि पर मुक्तक सुनाकर लोगों को प्रभावित किया।इस बीच पटना से आए दूरदर्शन के पत्रकार और कवि प्रवीण कुमार मिश्रा ने देश जले और प्यार लिखूं, मैं ऐसा गद्दार नहीं… का पाठ कर लोगों से जमकर वाहवाही लूटी. अन्य कवियों ने भी जमाया रंग
कवि दीनबंधु, जयराम देवसपुरी, वीणा मिश्रा, डॉ.नागेंद्र नारायण, गौतम कुमार सरगम, रेजा तस्लीम, सेजल मौर्या, अमृतेश कुमार मिश्रा आदि ने भी अपनी कविताओं से खूब प्रभावित किया . इससे पहले मगध विश्वविद्यालय के मगही के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ.भरत सिंह ने मगही के उन्नयन पर सारगर्भित चर्चा की और सभी से कालजयी रचना रचने की अपील की. अखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा के सौजन्य और साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कला मंच आंती के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में पूरे सत्र के दौरान श्रोताओं की खचाखच भीड़ बनी रहे. बारिश के बावजूद इस कार्यक्रम पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा.
