Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » …और, इस बार भी देख रही है!
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश झारखंड बिहार राष्ट्रीय

    …और, इस बार भी देख रही है!

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 30, 2021No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    …और, इस बार भी देख रही है!

    अजीत राय
    नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर बुधवार को देश के किसानों के द्वारा काला दिवस मनाया गया। इस मौके पर भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यह आंदोलन कानून रद्द होने तक चलता रहेगा। सरकार आंदोलन को कुचलने का प्रयास करेगी। आंदोलन का हश्र क्या होगा, पता नहीं। हालांकि, ऐसा उन्होंने क्यों कहा, यह तो वो ही जानें।
    यहाँ भाकियू नेता राकेश टिकैत की यह बात थोड़ी चिंता पैदा करने वाली है कि- ‘यह आंदोलन लंबा चलने वाला है।’ उनका कहने का तात्पर्य यह था कि तीनों कृषि कानून जब तक रद्द नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन चलता ही रहेगा। उनके कहने के मुताबिक अगर ऐसा ही रहा, तो फिर देश की अर्थव्यवस्था का क्या होगा..? उसकी चिंता कौन करेगा..?? क्योंकि, हमसब तो यही जानते हैं कि किसान तो किसी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। वह तो आर्थिक पक्ष की ओर निहारता है। खेत-खलिहान से फुर्सत मिलने पर बेटी के ब्याह की चिंता कहीं ज्यादा करता है। वह एक फसल काटता है, तो लगे हाथ दूसरे की तैयारी में लग जाता है। इन सभी बातों पर गौर फरमाने और किसानों की पृष्ठभूमि पर शिद्दत से नजर डालने पर जो एक बात उभर कर सामने आती है, वह यह है कि किसानों के पास तो आंदोलन और राजनीति करने की तो फुर्सत ही नहीं!
    अब जहां तक तीनों कृषि कानून रद्द होने की बात है, तो यह संभव तो है, पर यह सबकुछ सरकार की इच्छा पर निर्भर करता है। हां, प्रक्रिया थोड़ी जटिल जरूर है, पर सरकार की इच्छाशक्ति के आगे कुछ भी नहीं। पर, हालिया प्रदर्शन पर जो सरकार कुछ बोलने तक को राजी नहीं, उससे ऐसी अपेक्षा करना कि वह सदन से पारित कानून को रद्द करने की भी सोचेगा, किसी मुगालता पालने से कम नहीं। आखिर, जिस सरकार ने विधेयक पारित करवाने के लिए राज्यसभा में अनियमितता बरतने से लेकर सांविधानिक प्रावधानों की अवज्ञा तक की परवाह नहीं की, भला वह सदन से पारित कानून को रद्द करने जैसा आत्मघाती कदम क्यों उठाना चाहेगी..?
    आंदोलन के हश्र की बाबत जैसा उन्होंने कहा कि, ‘हमें पता नहीं।’ तो यहां, मैं भी उनके स्वर में अपना स्वर मिलाते हुए दो बातें जरूर कहना चाहूंगा, जिसमें पहला यह है कि,’ इतिहास गवाह है, लंबे आंदोलन कभी बेहतर परिणाम नहीं देते। और दूसरा, किसान आंदोलन में अक्सर राजनीति बस अपना फायदा देखती है।’

    लेखक पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता हैं

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहेडलाइंस राष्ट्र संवाद
    Next Article नॉन-होम ब्रांच से एक दिन में 1 लाख रुपये तक निकाल सकेंगे एसबीआई के ग्राहक

    Related Posts

    राम मंदिर में ‘चांदी का कौवा चोरी’: अयोध्या के दान पर उठे गंभीर सवाल

    June 26, 2026

    मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ: क्यों जरूरी है एक साझा लड़ाई?

    June 26, 2026

    भरत तिवारी एनकाउंटर: पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल, क्या मिलेगा न्याय?

    June 26, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    राम मंदिर में ‘चांदी का कौवा चोरी’: अयोध्या के दान पर उठे गंभीर सवाल

    मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ: क्यों जरूरी है एक साझा लड़ाई?

    भरत तिवारी एनकाउंटर: पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल, क्या मिलेगा न्याय?

    जमशेदपुर: परमहंस लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में आरोग्य संस्थान का उद्घाटन, सरयू राय ने की पहल की सराहना

    कोचिंग जाने निकली 16 वर्षीय छात्रा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता, परिजनों ने लगाई मदद की गुहार

    सिंहभूम कॉलेज में ‘साहित्यिक मंच’ संपन्न, संताली साहित्य और युवा रचनाधर्मिता पर मंथन

    प्रखंड मुख्यालय में एससीआर को ले बीएलए-2 की बैठक आयोजित

    मवि ऊपरबेड़ा में प्रखंड स्तरीय सुब्रतो कप एवं लिटिल चैम्पस फुटबाल प्रतियोगिता आयोजित

    ट्रंप का दावा: मध्यपूर्व में शांति की ओर बढ़ रहा ईरान, ईरान बड़ी रियायतें दे रहा है

    खनन विभाग ने औचक निरीक्षण में किया एक वाहन जब्त एवं पाटा टोल प्लाजा पर पांच वाहनों से वसूले 23 हजार जुर्माना

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.