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    Home » राज्य भर के जिला कमेटियों के गठन के बाद भाजपा में उठे विरोध के स्वर
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    राज्य भर के जिला कमेटियों के गठन के बाद भाजपा में उठे विरोध के स्वर

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 2, 2020Updated:September 2, 2020No Comments4 Mins Read
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    राज्य भर के जिला कमेटियों के गठन के बाद भाजपा में उठे विरोध के स्वर
    भाजपा गोलमुरी मंडल अध्यक्ष राजा के इस्तीफे के बाद सरायकेला खरसावां जिला उपाध्यक्ष शकुंतला महाली ने भी दिया त्यागपत्र

    जातीय समीकरण साधने की कोशिश फिर भी  विरोध! पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के करीबियों को मिला संगठन में तरजीह

    ब्रह्मर्षि समाज को साधने के लिए संगठन में बबुआ सिंह, राकेश सिंह पप्पू सिंह  विनोद कुमार सतोष ठाकुर को मिली जगह भाजपा कदमा मंडल अध्यक्ष दीपू सिंह पर अभी संशय
    नई कमेटियों का गठन और विस्तार टला
    झारखंड प्रदेश भाजपा द्वारा राज्य भर की सभी जिला एवं मंडल कमेटियों की घोषणा के बाद बखेड़ा खड़ा हो गया है. मंगलवार को जहां कमेटी की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही गोलमुरी मंडल अध्यक्ष बनाए गए अमरजीत सिंह राजा ने निजी कारणों का हवाला महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव को अपना इस्तीफा सौंप दिया. अमरजीत सिंह राजा भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. वही अभी 1 दिन भी नहीं बीते कि निजी कारणों का हवाला देकर सरायकेला खरसावां भाजपा जिला उपाध्यक्ष और जिला परिषद अध्यक्ष शकुंतला महाली ने जिला उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया. जिला अध्यक्ष को लिखे अपने त्यागपत्र में शकुंतला महाली ने लिखा है कि बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि 2019 के विधानसभा चुनाव में जो कार्यकर्ता पार्टी प्रत्याशी गणेश महाली को हराने में भूमिका निभाएं उन्हें निष्कासित किए जाने की अनुशंसा की गई थी , लेकिन इन तमाम बातों को ताक पर रखकर पार्टी की नई कमेटी में जगह दी गई . इसलिए पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पद से मैं इस्तीफा दे रही हूं . उन्होंने अनुरोध पूर्वक इस्तीफा स्वीकार करने की बात कही है.
    दूसरी ओर जमशेदपुर भाजपा में पहले से ही भीतर ही भीतर कोहराम है. जानकारों का कहना है कि जमशेदपुर में भी इस्तीफा का दौर शुरू हो सकता है. जमशेदपुर भाजपा ग्रामीण में भी विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं . क्योंकि वहां भी चुनाव हराने का जिन लोगों पर आरोप है उन्हें पद देकर सम्मानित किए जाने की बात कही गई है . जानकारी हो कि जमशेदपुर ग्रामीण भाजपा के जिला महामंत्री बापटू साहू बनाए गए हैं. उनके खिलाफ पिछले विधानसभा चुनाव में बहरागोड़ा से भाजपा प्रत्याशी कुणाल सारंगी को हराने का आरोप है. क्योंकि उनके खिलाफ प्रदेश कमेटी को भी शिकायत भेजी गई थी. बापटू साहू उस समय बहरागोड़ा मंडल अध्यक्ष हुआ करते थे . उन दिनों पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना था कि बापटू साहू ने चुनाव में झामुमो के लिए काम किया था. इसी तरह मुसाबनी मंडल अध्यक्ष बनाए गए तुषार पात्रा के खिलाफ भी घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विरोधी काम कर किए जाने का आरोप है . बावजूद इसके उन्हें मंडल अध्यक्ष का पद देकर ताजपोशी की गई.
    दूसरी ओर कमेटी गठन के बाद उठते विरोधी स्वर को देखते हुए हाईकमान ने भाजपा के सारे महिला मोर्चा, युवा मोर्चा , एससी मोर्चा , एसटी मोर्चा अल्पसंख्यक मोर्चा , समेत तमाम मोर्चा के जिला अध्यक्षों की घोषणा को फिलहाल टाल दिया है. दरअसल बढ़ते दबाव की वजह से प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश कोई निर्णय नहीं ले पा रहे थे . सूत्रों के मुताबिक जो भी नाम अनुशंसा के लिए आए हैं , उन नामों पर विचार के बाद अंतिम रूप से मंजूरी दी जाएगी . वही मोर्चा अध्यक्षों की घोषणा पितृपक्ष के बाद संभव हो सकती है. विश्वास सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि जिले के साथ-साथ प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा भी की जा सकती है , जिसमें कई पद अब भी खाली हैं और उन्हें अभी तक भरा नहीं जा सका है

    बहरहाल कमेटी की घोषणा के पहले बड़े नेताओं से सलाह मशवरा कर जातीय समीकरण को साधने की पूरी कोशिश की गई है परंतु इसके बाद भी सभी को संतुष्ट कर पाने में आलाकमान के साथ-साथ जिला अध्यक्ष भी विफल रहे देखना है कि जिला अध्यक्ष किस तरह कमेटी में सामंजस बनाने के साथ उठ रहे विद्रोह के स्वर को पाटने का काम करते हैं

     

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