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    Home » भारत को बड़ी कामयाबी, निर्विरोध मिली UN सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट
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    भारत को बड़ी कामयाबी, निर्विरोध मिली UN सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 18, 2020No Comments3 Mins Read
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    नई दिल्ली: भारत बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुन लिया गया है. निर्विरोध चुने जाने के बाद अब भारत 2021-22 कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च संस्था का अस्थाई सदस्य बन जाएगा. 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने 75वें सत्र के लिए अध्यक्ष, सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्यों और आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के सदस्यों के लिए चुनाव कराया था. बता दें कि यह आठवीं बार है जब भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना गया है.संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों ने भारत को भारी बहुमत के साथ वर्ष 2021-22 कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना है. भारत को 192 वैध मतों में से 184 वोट मिले. इससे पहले भारत 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 और हाल में 2011-2012 में सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना गया था.उम्मीद है कि सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुने जाने के बाद भारत इस अवसर का उपयोग अपनी स्थायी सदस्यता की दावेदारी को मजबूती के साथ सामने रखेगा. हाल के वर्षों में भारत के अलावा जापान, जर्मनी और ब्राजील सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे हैं. भारत का कार्यकाल एक जनवरी 2021 से शुरू होगा. इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण की रूप-रेखा सामने रखी थी. उन्होंने कहा था कि समकालीन वास्तविकताओं को महत्व देने के लिए बहुपक्षीय संगठनों का सुधार किया जाना चाहिए.

    सुरक्षा परिषद के प्रत्येक सदस्य को दो-तिहाई वोटों की जरुरत होती है. सुरक्षा परिषद के आधे अस्थायी सदस्य प्रत्येक वर्ष दो वर्ष के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं जिनमें से 10 अस्थायी जबकि पांच स्थायी सदस्य होते हैं. गौरतलब है कि सुरक्षा परिषद में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन स्थायी सदस्य हैं.

    वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, भारत हमेशा इस मंच से उठाए जाने वाले प्रस्तावों को खारिज करता रहा है, खासकर कश्मीर जैसे मुद्दों को. कश्मीरियों को उनके हक नहीं दिए गए और उनका दमन जारी है. कुरैशी ने कहा, भारत के अस्थाई सदस्य बनने से कोई आसमान नहीं फट पड़ेगा. पाकिस्तान भी सात बार अस्थाई सदस्य रह चुका है. बता दें कि 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र आमसभा में असेंबली के 75वें सत्र के लिए अध्यक्ष, सुरक्षा परिषद के पांच अस्थायी सदस्यों और आर्थिक व सामाजिक परिषद के सदस्यों का चुनाव किया जाना है.

    बताते चलें कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, परिषद में भारत की मौजूदगी से वसुधैव कुटुम्बकम के उसके लोकाचार को दुनिया तक लाने में मदद मिलेगी. संयुक्त राष्ट्र को समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने और विश्वसनीय बने रहने के लिए बदलने की जरूरत है.वहीं अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के अस्थायी सदस्य चुने जाने पर गर्मजोशी से स्वागत किया है. अमेरिका ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की जीत पर हम उन्हें बधाई देते हैं. हम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर एक साथ काम करने के लिए तत्पर हैं.

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