

द्वितीय चरण की जनगणना के लिए प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को जमीन पर उतारने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या परिगणना) के सफल, पारदर्शी एवं सुचारू क्रियान्वयन को लेकर डीआरडीए सभागार, बेगूसराय में इन दिनों जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर हो रही इन तैयारियों से साफ है कि प्रशासन इस बार डेटा संकलन को लेकर पूरी तरह गंभीर है ताकि किसी भी परिवार या नागरिक की गिनती छूट न सके।
द्वितीय चरण की जनगणना के लिए प्रशिक्षण प्रारंभ और कार्यशाला की रूपरेखा
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 30 अक्टूबर से 06 नवंबर 2026 तक कुल चार बैचों में संचालित किया जा रहा है। इसके तहत बेगूसराय जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों और कर्मियों को जनगणना से संबंधित तकनीकी प्रावधानों, प्रक्रियाओं तथा व्यावहारिक कार्यप्रणाली की बेहद बारीकी से जानकारी दी जा रही है। कार्यशाला का कुशल संचालन प्रशिक्षक सह नोडल पदाधिकारी निलेश शुक्ला एवं प्रगति प्रिया द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जो कर्मियों को हर एक तकनीकी पहलू से रूबरू करा रहे हैं।
घर-घर जाकर 40 बिंदुओं पर होगी जानकारी की एकत्र
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है, जिसके बाद अब द्वितीय चरण की पुख्ता तैयारियां चल रही हैं। इस चरण के तहत नियुक्त प्रगणक सीधे आम जनता के घर-घर जाएंगे और परिवार एवं मकान से संबंधित निर्धारित लगभग 40 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी एकत्र करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस बनाने का अनूठा निर्णय लिया गया है, जिसके लिए विशेष मोबाइल ऐप और CMMS पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया जाएगा।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान सभी उपस्थित कर्मियों को मोबाइल ऐप के सुगम संचालन, हाउस लिस्टिंग ब्लॉक के सटीक निर्धारण, सुपरवाइजरी सर्किल तथा नजरी नक्शा तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो दिखाया गया। इतना ही नहीं, मैदान में काम करने वाले इन कर्मियों को इन सभी तकनीकी कार्यों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया ताकि फील्ड में उतरने के बाद उन्हें किसी प्रकार की तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े।
जनगणना-2027 की महत्वपूर्ण समय-सारणी
प्रशासन की ओर से इस महाअभियान के लिए एक स्पष्ट और व्यवस्थित समय-सारणी जारी की गई है, जिसके प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं:
- 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027: स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया संचालित होगी, जिसमें देश और जिले के नागरिक स्वयं अपना विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे।
- 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027: प्रशिक्षित प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्यक्ष रूप से आंकड़ों का संकलन करेंगे।
- 01 मार्च से 05 मार्च 2027: इस अवधि में पुनरीक्षण एवं सत्यापन का कार्य किया जाएगा, ताकि यदि कोई विवरण छूट गया हो तो उसे शामिल किया जा सके और संकलित आंकड़ों की पूर्ण शुद्धता सुनिश्चित हो सके।
आंकड़ों की शुद्धता और गोपनीयता पर विशेष जोर
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता श्री बृज किशोर चौधरी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील राष्ट्रीय दायित्व है। इसके सफल और त्रुटिरहित संचालन के लिए यह अनिवार्य है कि जुटाए गए आंकड़े पूरी तरह शुद्ध, विश्वसनीय और व्यवस्थित हों। उन्होंने फील्ड स्तर पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे आंकड़ों की शत-प्रतिशत शुद्धता, उच्च विश्वसनीयता और उनकी पूर्ण गोपनीयता को हर हाल में सुनिश्चित करें, ताकि देश को एक सटीक डेटाबेस मिल सके।

