गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी सशक्त होगा देश: डॉ. पूनम सिंह
आम्रपाली-चंद्रगुप्त महिला समिति ने 47 ग्रामीण महिलाओं को बांटी सिलाई मशीनें, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और टूल किट
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाकर ही देश को सशक्त बनाया जा सकता है। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें हुनरमंद बनाना और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। ये बातें आम्रपाली-चंद्रगुप्त महिला समिति की अध्यक्षा डॉ. पूनम सिंह ने कहीं है। सीसीएल के आम्रपाली स्मार्ट टाउनशिप में आयोजित सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल के तत्वावधान में आम्रपाली-चंद्रगुप्त महिला समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. पूनम सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान सीसीएल के सीएसआर के तहत संचालित अपैरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर से सिलाई एवं कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 47 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही सभी प्रशिक्षित महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए सिलाई मशीनें एवं टूल किट वितरित किए गए। महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्हें सेनेटरी पैड भी उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में महिलाओं की प्रतिभा और हुनर की झलक भी देखने को मिली। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई हस्तशिल्प कलाकृतियों का प्रदर्शन किया। उनकी रचनात्मकता और प्रशिक्षण से अर्जित कौशल ने महिला सशक्तीकरण एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को प्रदर्शित किया। मौके पर आम्रपाली-चंद्रगुप्त महिला समिति की सदस्य सुधा पंडित, सुनीता संजीव और वंदना सिन्हा उपस्थित थीं। वहीं, अपैरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर के प्रधानाचार्य अभिजीत मोहंती, लेक्चरर अमृता भंवर, ट्रेनर अर्चना लिंडा सहित सीसीएल के कई पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल थे। कार्यक्रम के समापन पर आपसी तालमेल, सहयोग और एकजुटता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आम्रपाली-चंद्रगुप्त महिला समिति की सदस्यों और महिला प्रशिक्षुओं के बीच एक मैत्रीपूर्ण मैच का आयोजन किया गया। इस पहल के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने और समाज में आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

