लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में ड्रग्स और सट्टेबाजी पर सरयू राय सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। विधायक सरयू राय ने शहर में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार और सट्टेबाजी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से सीधा संवाद किया और एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है। इस पहल से शहर के नागरिकों और सामाजिक संगठनों में न्याय की उम्मीद जगी है।
ड्रग्स और सट्टेबाजी पर सरयू राय सख्त: एसएसपी को दिया अल्टीमेटम
विधायक सरयू राय ने गुरुवार को सीनियर एसएसपी से फोन पर विस्तृत बातचीत की। उन्होंने पूर्व में पुलिस प्रशासन को दी गई विशिष्ट खुफिया सूचनाओं पर अब तक हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगा। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर ड्रग्स माफिया और सट्टेबाजी सिंडिकेट के खिलाफ दृश्यमान कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनांदोलन खड़ा करने को बाध्य होंगे। एसएसपी ने विधायक की चिंता को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया है।
बिष्टुपुर कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक
गुरुवार को बिष्टुपुर स्थित विधायक सरयू राय के आवासीय कार्यालय में इस ज्वलंत मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मनोज सिंह ने की। बैठक में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक सहयोगियों ने भाग लेकर नशे के उन्मूलन के लिए संगठित अभियान चलाने पर सर्वसम्मति व्यक्त की।
संगठित अभियान और समिति गठन पर बनी सहमति
बैठक के उपरांत मनोज सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ड्रग्स और सट्टेबाजी के विरुद्ध एक वृहद जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के सुचारू संचालन और निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। समिति के सदस्यों के नाम और अभियान के आधिकारिक नाम की घोषणा आगामी दिनों में की जाएगी। यह समिति पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की प्रगति की निगरानी करेगी।
बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति
इस रणनीतिक बैठक में सुबोध श्रीवास्तव, नीरज सिंह, अमित शर्मा, विकास साहनी, उषा यादव और अरविंद कुमार सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में शहर की युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए विधायक सरयू राय की पहल का पुरजोर समर्थन किया।
नशे के कारोबार का शहर पर दुष्प्रभाव
जमशेदपुर औद्योगिक नगरी होने के साथ-साथ शैक्षणिक हब भी है। यहां ड्रग्स का अवैध कारोबार युवाओं और छात्रों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। सट्टेबाजी के अड्डे आवासीय इलाकों में पनप रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। विधायक सरयू राय लंबे समय से इस मुद्दे को विधानसभा और सार्वजनिक मंचों से उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि केवल पुलिसिया कार्रवाई से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक दबाव के संयुक्त प्रयास से ही इस बुराई को जड़ से मिटाया जा सकता है।
पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती और अवसर
विधायक के अल्टीमेटम के बाद जिला पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती और अपनी विश्वसनीयता साबित करने का अवसर है। सूत्रों के अनुसार, एसएसपी ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय ड्रग्स पैडलर्स और सट्टा संचालकों की सूची अपडेट कर छापेमारी तेज करने का मौखिक निर्देश जारी कर दिया है। नागरिक समाज को उम्मीद है कि इस बार कार्रवाई कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखेगी। नशा मुक्ति अभियान में सहयोग के लिए नागरिक झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आगामी रणनीति और जनभागीदारी
आगामी सप्ताह में घोषित होने वाली समिति वार्ड स्तर पर निगरानी दल गठित करेगी। ये दल संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सीधे समिति और पुलिस को देंगे। विधायक सरयू राय ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान में किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लक्ष्य स्पष्ट है: जमशेदपुर को नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाना। आने वाले दिन इस बात के गवाह बनेंगे कि पुलिस प्रशासन विधायक के अल्टीमेटम को कितनी गंभीरता से लेता है और शहर को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने में कितना सफल होता है।

