*नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, पोटका में धूमधाम से मना दशहरा
*सिंदूर खेला में महिलाओं ने एक-दूसरे को लगाया सिंदूर, पूजा पंडालों में हुए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, पोटका
असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी एवं दुर्गा पूजा पोटका क्षेत्र में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाई गई। चार दिनों तक मां दुर्गा की भक्ति में लीन रहने के बाद बुधवार को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। पोटका एवं कौवाली थाना क्षेत्र की जुड़ी पूजा को छोड़कर अन्य सभी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
दुर्गा पूजा के दौरान विभिन्न पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कहीं बांग्ला, तो कहीं ओड़िया और हिंदी नाटकों का मंचन हुआ। वहीं, आदिवासी ड्रामा सहित अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मनोरंजन किया। पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर भावुक विदाई दी। इसके बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाई। इस दौरान महिलाओं के चेहरों पर उत्साह के साथ मां की विदाई का भावुक क्षण भी देखने को मिला। समाजसेवी सीमा मंडल कहती है कि यह परंपरा माँ दुर्गा को बिदाई देने, उनके सुहाग की कामना करने और आपस मे सौभाग्य, प्रेम और एक जुटता का जश्न मनाने के लिए मनाई जाती है।
पूरे आयोजन के दौरान सभी जगहों पर स्थानीय प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। शांतिपूर्ण माहौल में पूजा एवं विसर्जन संपन्न होने से श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।

