लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
मंझौल में ई-रिक्शा पलटने से बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें बेगूसराय रेफर कर दिया गया। यह घटना मंझौल गढ़पुरा पथ पर तीन मोहनी के पास बुधवार को घटित हुई।
ई-रिक्शा पलटने से बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल: घटना का विवरण
मंझौल गढ़पुरा पथ पर बुधवार को मंझौल पंचायत-03 , वार्ड 10 निवासी 60 वर्षीय राम विलास साहनी ई-रिक्शा पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना तीन मोहनी के पास की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, राम विलास साहनी ई-रिक्शा से जयमंगलागढ़ जा रहे थे। इसी दौरान तीन मोहनी के पास ई-रिक्शा पलट गया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अनुमंडल अस्पताल, मंझौल में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें बेगूसराय रेफर कर दिया।
ई-रिक्शा सुरक्षा पर उठते सवाल
ई-रिक्शा की बढ़ती दुर्घटनाएं ग्रामीण इलाकों में चिंता का विषय बनती जा रही हैं। मंझौल जैसे कस्बाई क्षेत्रों में यातायात नियमों का पालन न होना और ओवरलोडिंग आम बात है। राम विलास साहनी के साथ हुई यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मंझौल गढ़पुरा पथ पर स्पीड ब्रेकर और संकेतकों का अभाव है, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार ई-रिक्शा चालकों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन होता नहीं दिखता।
स्थानीय प्रशासन और अस्पताल की भूमिका
अनुमंडल अस्पताल, मंझौल के चिकित्सकों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल को प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, गंभीर चोटों को देखते हुए बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा। बेगूसराय जिला प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ई-रिक्शा परमिट और फिटनेस जांच को सख्ती से लागू किया जाए। वार्ड 10 के पार्षद ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
पीड़ित परिवार की स्थिति और मांग
राम विलास साहनी के परिजनों ने बताया कि वे जयमंगलागढ़ स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जा रहे थे। अचानक हुई इस दुर्घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार ने जिला प्रशासन से इलाज का खर्च वहन करने और दोषी चालक पर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ई-रिक्शा चालक की तलाश कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण बिहार में सड़क सुरक्षा की पोल खोल दी है। जरूरत है कि सरकार और प्रशासन मिलकर ई-रिक्शा परिचालन के लिए कड़े मानक तय करें और उनका अनुपालन सुनिश्चित कराएं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने से ही ऐसी दुखद घटनाओं पर रोक लग सकेगी।
