शाह ने मान पर मादक पदार्थ की समस्या को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया
लुधियाना, 20 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान में राज्य में मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए गंभीरता और इच्छाशक्ति की कमी है।
इसके जवाब में मान ने शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करते हुए उनसे सवाल किया कि सत्ता में रहने के दौरान वे मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने में विफल क्यों रहे।
मान ने कहा कि भाजपा को पंजाब में मादक पदार्थों के संकट और इससे पीड़ित परिवारों के दुख का चुनावी लाभ उठाने के बजाय मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने में अपनी पिछली विफलताओं के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
शाह ने गुजरात के बंदरगाहों के जरिये पंजाब में मादक पदार्थ पहुंचने देने के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराने पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर 20,000 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
लुधियाना में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मान सरकार की ओर इशारा करते हुए शाह ने पूछा, “क्या आप यह कह रहे हैं कि हमें जब्ती की ये कार्रवाई रोक देनी चाहिए?”
शाह ने कहा, ”हम इस समस्या से निपटने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, फिर भी आप हम पर आरोप लगाते हैं? ये मादक पदार्थ छोटे-छोटे पैकेट में पंजाब के युवाओं तक कैसे पहुंचते हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना इस तरह की तस्करी होना संभव नहीं है।
मान ने एक वीडियो बयान में सवाल किया कि केंद्र सरकार मादक पदार्थों के स्रोत पर रोक लगाने, सीमाओं को सुरक्षित करने और तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल क्यों रही है। उन्होंने गुजरात में 2,200 किलोग्राम हेरोइन की कथित बरामदगी के मामले में जवाब मांगा, जिसके बारे में कथित तौर पर कहा गया था कि उसे चूहे खा गए।
एक बयान के अनुसार, मान ने शाह से शोकसंतप्त परिवारों से “राजनीतिक मकसद के बजाय सच्ची संवेदना” के साथ मिलने का आग्रह किया।
मान ने सवाल किया कि जब 2007 से 2017 के बीच भाजपा पंजाब में अकाली दल के साथ सत्ता में थी, तब वह राज्य में मादक पदार्थों की बढ़ती समस्या को लेकर चिंतित क्यों नहीं थी।

