भागवत कथा श्रवण से सत्कर्म की प्रेरणा, सद्मार्ग पर चलने का मिलता है संदेश
कथा व्यास कैलाश जी महाराज ने भगवान की लीलाओं का किया भावपूर्ण वर्णन
बेगूसराय/ राष्ट्र संवाद ब्यूरो
तेघड़ा /बेगूसराय
शारदीय नवरात्र के अवसर पर नया नगर दुलारपुर स्थित शिव दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालु भक्ति में लीन रहे। विशाल पंडाल में कथा व्यास श्री कैलाश जी महाराज के मुखारविंद से भगवान के विभिन्न स्वरूपों और उनकी दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हुए। कथा के माध्यम से उन्हें सत्कर्म अपनाने, सदाचार का पालन करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने का संदेश मिला।
कथा व्यास श्री कैलाश जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को पापों से मुक्ति की प्रेरणा देने के साथ धर्म और सद्मार्ग पर चलना सिखाता है। कथा की सार्थकता तभी है, जब उसकी सीख जीवन में उतारी जाए। सत्य, दया, करुणा और परोपकार को व्यवहार में अपनाकर ही व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। मानव सेवा और आपसी सद्भाव से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
मंदिर के विशाल पंडाल में संध्या आरती के बाद संगीतमय भजनों और कथा वाचन से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने एकाग्रता से कथा का श्रवण किया। समापन पर प्रसाद का वितरण किया गया।
मंदिर परिसर में प्रतिदिन संध्या 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक कथा का आयोजन हो रहा है। यह अनुष्ठान 18 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन में पुजारी अशोक सिंह, मुख्य पंडित बिट्टू कुमार झा, सुनील सिंह, संजय कुमार सिंह, रवि कुमार, हरवंश कुमार और सुधीर चौधरी सहित अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

