राष्ट्र संवाद संवाददाता, पोटका
पोटका के धीरोल पंचायत के नूतनडीह गांव में निजी भूमि की घेराबंदी के दौरान सरकारी जमीन भी घेरे में लिए जाने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों की ओर से मामले की जानकारी अंचल प्रशासन को दिए जाने के बाद पोटका की अंचल अधिकारी निकिता बाला ने मामले को संज्ञान में लिया है। प्रशासन की ओर से मंगलवार को संबंधित भूमि की मापी एवं जांच कराने की बात कही गई है।
जानकारी के अनुसार, नूतनडीह में एक व्यक्ति द्वारा करीब 10 एकड़ से अधिक भूमि की खरीद कर सीमेंट स्लैब से घेराबंदी की गई है। ग्रामीणों का दावा है कि घेराबंदी के दायरे में कुछ सरकारी भूमि भी आ गई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा है।
बताया गया कि संबंधित भूमि जमशेदपुर के एक सरकारी अधिकारी की चिकित्सक पत्नी के नाम पर खरीदी गई है। अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। उनके पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि घेराबंदी के भीतर करीब एक एकड़ सरकारी भूमि होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को राशि वापस करने की बात कही गई है।
वहीं, पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकारी जमीन दिए जाने के संबंध में किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है। अब अंचल प्रशासन की मापी और जांच के बाद ही भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

