राष्ट्र संवाद संवाददाता, जादूगोड़ा।
जादूगोड़ा स्थित यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के लिए जमीन देने वाले 18 विस्थापित आश्रितों का रोजगार का इंतजार तीन दशक से अधिक समय बाद भी खत्म नहीं हुआ है। चाटीकोचा ग्राम सभा ने मामले को लेकर यूसील प्रबंधन को पत्र भेजकर लंबित नियोजन आवेदनों पर शीघ्र पहल की मांग की है। ग्राम सभा ने 15 दिनों के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान सह ग्राम सभा अध्यक्ष मेघराय सोरेन ने 7 सितंबर 2026 को उप महाप्रबंधक (कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध) को पत्र भेजा है। पत्र के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को एल ए केस से संबंधित 18 विस्थापित युवक-युवतियों के नियोजन के लिए आवेदन प्रबंधन को सौंपे गए थे। ग्राम सभा का कहना है कि एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद इस संबंध में कोई वार्ता या ठोस पहल नहीं हुई।
ग्राम सभा के अनुसार, 1989-90 और 1993-94 में अधिग्रहित जमीन के बदले प्रभावित परिवारों के एक आश्रित को रोजगार देने की बात कही गई थी। इसके बावजूद संबंधित परिवारों के आश्रित वर्षों से नियोजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लंबित आवेदनों में गुमदी हेम्ब्रम, नरसिंह हेम्ब्रम, समु हेम्ब्रम, रोशन हेम्ब्रम, अर्जुन हेम्ब्रम, कापरा हांसदा, सांती हेम्ब्रम, एकता हेम्ब्रम, जीरा मांझी, जासमी मांझी, संगीता मार्डी, सूरज मुनी बोडरा, कुंवर मांझी, छोटा सुहार मांझी, सुनील हो, छिता समेत अन्य के नाम शामिल हैं।
ग्राम सभा ने रोजगार के साथ क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं और पर्यावरणीय प्रभाव से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। पत्र में टेलिंग पॉन्ड से उड़ने वाली धूल को लेकर ग्रामीणों की चिंताओं का उल्लेख किया गया है।
ग्राम सभा ने प्रबंधन को 15 दिन में वार्ता कर समाधान की दिशा में पहल करने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 21 दिन बाद ग्राम सभा अपने स्तर से आगे की कार्रवाई करेगी। पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त, घाटशिला एसडीओ, वरीय पुलिस अधीक्षक और जादूगोड़ा थाना प्रभारी को भी भेजी गई है।

