लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में विकसित भारत–जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य योजना के विभिन्न प्रावधानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और बेहतर योजना निर्माण सुनिश्चित करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ और प्रमुख उद्देश्य
समाहरणालय में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने किया। कार्यशाला में योजना के विभिन्न प्रावधानों और प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी गयी।
विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत 318 प्रकार की योजनाएं
प्रतिभागियों को योजना के तहत शामिल 318 प्रकार की योजनाओं के बारे में बताया गया। पंचायत स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की प्रक्रिया और इसके विभिन्न पहलुओं पर भी गहन प्रशिक्षण दिया गया।
तकनीकी एकीकरण: GIS, AI और युक्तधारा पोर्टल
योजना निर्माण में भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और युक्तधारा पोर्टल के उपयोग से योजनाओं की योजना एवं चयन की प्रक्रिया समझायी गयी। साथ ही एसएनए-स्पर्श और डीबीटी-स्पर्श के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया की जानकारी दी गयी।
समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सख्त निर्देश
उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि 15 अगस्त से पहले प्रखंड एवं पंचायत स्तर के सभी संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि योजना का प्रभावी, सुचारु और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
विकसित भारत–जी राम जी योजना का महत्व और भविष्य की राह
विकसित भारत–जी राम जी योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे आधुनिक तकनीक के उपयोग से योजना निर्माण में पारदर्शिता और दक्षता लाई जा सकती है। जीआईएस और एआई का उपयोग भौगोलिक डेटा का विश्लेषण करके सर्वोत्तम परियोजनाओं का चयन करने में मदद करेगा।
सरकार का जोर डिजिटल भुगतान प्रणाली पर है। एसएनए-स्पर्श और डीबीटी-स्पर्श के माध्यम से लाभार्थियों तक राशि सीधे पहुंचाने का प्रावधान भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित होगा। भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी इस योजना से संबंधित दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।
जमशेदपुर जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय है। समय सीमा के भीतर प्रशिक्षण पूरा कर लेने से योजना का लाभ आम जनता तक तेजी से पहुंचेगा। आने वाले दिनों में प्रखंड स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन कर इस गति को बनाए रखने की योजना है।
इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जनभागीदारी भी आवश्यक है। ग्राम सभाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। योजना के 318 घटकों में पेयजल, स्वच्छता, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इससे ग्रामीण जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।

